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क्‍या कर्नाटक में BJP के पास नेताओ का सियासी ड्रामा खत्‍म नहीं हुआ

कर्नाटक में भाजपा नेता सियासी ड्रामा खत्‍म नहीं हुआ है बेंगलुरू के सत्‍ता के गलियारों से प्रारम्भहोकर सत्‍ता के लिए प्रयत्न सुप्रीम न्यायालय के दरवाजे तक पहुंच गया है न्यायालय ने असाधारण रूप से रात भर सुनवाई कर येदियुरप्‍पा के शपथ ग्रहण पर रोक तो नहीं लगाई लेकिन 18 मई को प्रातः काल 10:30 बजे बहुमत के जादुई आंकड़े की राजभवन में उनकी तरफ से पेश की गई चिट्ठी मांग ली है, जिसके दम पर भाजपा ने गवर्नमेंट बनाने का दावा किया था

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लिहाजा अब पूरा दारोमदार भाजपा की तरफ से 15-16 मई को राज्‍यपाल को भाजपा की तरफ से पेश की गई समर्थन की उस चिट्ठी पर टिक गया है इसी से बड़ा सवाल उठता है कि क्‍या भाजपा के पास बहुमत के लिए महत्वपूर्ण 112 विधायकों का समर्थन है? ये सवाल इस वक्‍त इसलिए बेहद अहम हो गया है क्‍योंकि  इसमें एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन है

बीजेपी के लिए ये लड़ाई इसलिए प्रतिष्‍ठा का प्रश्‍न बन गई है क्‍योंकि उसके पास 104 विधायकों के अतिरिक्त फिल्हाल एक निर्दलीय विधायक का समर्थन है इस तरह सबसे बड़े दल के रूप में उसके पास 105 विधायकों का स्‍पष्‍ट समर्थन है लेकिन अपेक्षित बहुमत से यह आंकड़ा सात कदम दूर है

कोर्ट के सवाल
इसी मामले में शुक्रवार प्रातः काल 10.30 बजे जब न्यायालय में इस मामले में फिर सुनवाई होगी तो जानकार बताते है कि यदि इस चिट्ठी में बहुमत के आंकड़े का जिक्र नहीं हुआ तो गवर्नर के निर्णय पर सवाल खड़े होंगे अभी भी इस मामले में येदियुरप्पा को 15 दिन की दी गई मोहलत देने का मामला बना हुआ है वहीं इस मामले में येदियुरप्पा  गवर्नर को नोटिस जार कर अपना पक्ष रखने को बोलाहै ऐसा इसलिए भी क्‍योंकि मध्‍य रात्रि के बाद हुई सुनवाई में जस्टिस सीकरी ने भाजपा की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल से बोला कि क्‍या आपके पास बहुमत का गणित है क्‍योंकि आपके नंबर तो ऐसा नहीं कहते हैं ये तो हमें नहीं पता, ऐसे में वह वो फ्लोर टेस्ट में फेल हो सकत

इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा- ऐसी परंपरा नहीं है, पहले शपथ ग्रहण होता है फिर बहुमत साबित करना होता है इस पर जस्टिस सीकरी ने अटॉर्नी जनरल एके वेणुगोपाल से बोला है कि आंकड़े भाजपा के साथ नहीं है जस्टिस एके सीकरी ने अटॉर्नी जनरल एके वेणुगोपाल से पूछा कि इस तरह के केस में जहां कांग्रेस पार्टी 117 विधायकों की संख्या बता रही है आपके पास 112 विधायक कहां है? इसके साथ ही जस्टिस बोबड़े ने कहा- जब तक हम विधायकों के समर्थन की चिट्ठी नहीं देख लेते, अटकलें नहीं लगा सकते जस्टिस बोबड़े ने यह भी बोला कि हमें नहीं पता कि येदियुरप्पा किस तरह के बहुमत का दावा कर रहे हैं?

लिंगायत कार्ड पर टिक सकता है दारोमदार
यदि न्यायालय अपनी सुनवाई में कहता है कि भाजपा को सबसे बड़े दल के रूप में पहले गवर्नमेंटबनाने के लिए आमंत्रित करने का राज्‍यपाल का निर्णय सही है  राज्‍यपाल के द्वारा दी गई 15 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर भाजपा को अपना बहुमत साबित करना होगा तो भाजपा लिंगायत सम्‍मान के मुद्दे के आधार पर समर्थन जुटाने की प्रयास कर सकती है चूंकि बीएस येदियुरप्‍पा लिंगायत समुदाय से ताल्‍लुक रखते हैं लिहाजा भाजपा अभी से यह कह रही है‍ कि इस समुदाय के नेता को सत्‍ता में पहुंचने से रोकने के लिए कांग्रेस पार्टी  जेडीएस ने साझेदारी किया है

इस आधार पर BJP लिंगायतों के सम्‍मान को एक मुद्दा बनाने के मूड में है  इस आधार पर कांग्रेस पार्टी  जेडीएस के लिंगायत समुदाय से ताल्‍लुक रखने वाले विधायकों से येदियुरप्‍पा को समर्थन देने की अपील कर सकती है उल्‍लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 21  JDS के टिकट पर 10 लिंगायत विधायक जीतकर आए हैं ऐसे में जितने भी लिंगायत विधायक इन दलों से टूटकर भाजपा में जाएंगे, उताना ही लाभ भाजपा को होगा

About Anand Gopal Chaturvedi

Group Editor / CMD Early News Group

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