Sunday , January 20 2019 6:58 PM
Breaking News

समर कैंप में आया कक्षा 11 का विद्यार्थी स्विमिंग पूल में डूबा

गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेजेस में स्कूल प्रशासन की लापरवाही से एक विद्यार्थी की जान पर बन आई. समर कैंप में आया कक्षा 11 का विद्यार्थी आयुष स्विमिंग पूल में डूब गया. गंभीर हालत में बच्चे को व्यक्तिगत अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
Image result for समर कैंप में आया कक्षा 11 का विद्यार्थी स्विमिंग पूल में डूबा
वहीं स्कूल प्रशासन का दावा है कि बच्चे का पैर फिसल गया था. मौके पर मौजूद ट्रेनर ने उसे बाहर निकाला. गोमती नगर के व्यक्तिगत अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है.स्कूल में इसी हफ्ते से समर कैंप की आरंभ हुई है.अन्य गतिविधियों के साथ ही इसमें तैराकी भी शामिल है.

बुधवार को कक्षा 11 का विद्यार्थी आयुष तैराकी के लिए उतरा था. आकस्मित उसका संतुलन बिगड़ गया  वह डूबने लगा. बच्चों ने शोर मचाया तो स्टाफ ने जाकर बच्चे को बाहर निकाला. तब तक बच्चे की हालत बहुत ज्यादा बेकार हो चुकी थी. स्कूल प्रशासन ने उसे गोमतीनगर के ही व्यक्तिगत अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था. देर शाम तक उसकी हालत बेकार थी.

मामला छिपाने की प्रयास क्यों?

स्विमिंग पूल में बच्चे के डूबने के मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चा तैराकी कर रहा था तो उसके पास कोई ट्रेनर क्यों नहीं था. दूसरा सवाल यह है कि स्कूल प्रशासन मामले को आखिर तक दबाए क्यों रहा. बच्चे को पहले नजदीक के ही व्यक्तिगत अस्पताल में दिखाया गया.

डॉक्टरों द्वारा हाथ खड़े करने के बाद उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस दौरान कई घंटे बीत गए लेकिन स्कूल प्रशासन ने पुलिस को समाचार नहीं दी. डूबने वाला बच्चा आयुष मूल रूप से बिहार का बताया जा रहा है. यहां पर वह अपने रिश्तेदार के यहां रहता है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि तैराकी के समय उसके संबंध के भाई-बहन भी आसपास थे.आयुष के पिता का नाम कृष्णकुमार है.

समर कैंप में ट्रेनर की देख-रेख में तैराकी सिखाई जाती है. आयुष का पैर फिसल गया था. मौके पर मौजूद ट्रेनर ने ही उसे बाहर निकाला. बच्चे को इलाज देना हमारी प्राथमिकता थी, इसलिए घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई. बच्चा खतरे से बाहर है. उसके घरवालों को सूचना दे दी गई थी. वे मौके पर आ भी गए थे.

About Anand Gopal Chaturvedi

Group Editor / CMD Early News Group

Check Also

माया ने कहा,अगर सेस लगाने से गौवंश का संरक्षण संभव है, तो केंद्र कानून बना कर इसका समाधान करे

अर्ली न्यूज़/लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए आबकारी और टोल पर सेस ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

jewelry shop