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सर्वाधिक अंक प्राप्त छात्रा को दिल्ली HC से मिला न्याय

साल 2012-14 के परास्नातक (समाजशास्त्र) के इम्तिहान परिणाम में सर्वाधिक अंक हासिल करने के बावजूद गोल्ड मेडल से वंचित छात्रा प्रतिची मजूमदार को आखिरकार दिल्ली हाई न्यायालय से न्याय मिल गया. छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने बोला कि मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा.

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डीयू के स्तर पर मेडल की सूची तैयार करने में लापरवाही हुई. याची जैसी प्रतिभावान छात्रा को उसके गोल्ड मेडल पाने के हक से वंचित नहीं रखा जा सकता है. सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाला ही गोल्ड मेडल पाने का हकदार है.

न्यायमूर्ति ने डीयू प्रशासन को आदेश दिया कि याची प्रतिची मजूमदार को कुंदा दातार गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाए. दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से समाजशास्त्र में एमए कर चुकी प्रतिची अभी जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमफिल के लिए पंजीकृत हैं. उन्होंने याचिका में मांग की कि चूंकि उसने सबसे ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं इसलिए उसे ही गोल्ड मेडल मिलना चाहिए.

डीयू ने एमए (समाजशास्त्र) की इम्तिहान का परिणाम दो भाग में जारी किया था. पहले भाग में जारी परिणाम में सोफिया जेहरा अब्बास को कुल 1600 में से 977 अंक मिले, जबकि दूसरे हिस्से में जारी परिणाम में याची को सर्वाधिक 999 अंक मिले. संपूर्ण इम्तिहान परिणाम में याची को सर्वाधिक अंक मिले, लेकिन डीयू के कन्वोकेशन में सोफिया को गोल्ड मेडल दिया गया, जो पूर्ण परिणाम में चौथे रैंक पर थी.

इसकी जानकारी मिलने पर याची ने डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, डीयू उपकुलपति के समक्ष पेश होकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. डीयू ने हाई न्यायालयके नोटिस पर शपथ लेटर दाखिल कर माना कि याची को ही सर्वाधिक अंक मिले हैं.

डीयू ने न्यायालय में बोला कि स्कॉलरशिप, मेडल  प्राइस के चयन सूची तय करने की एक मानक प्रक्रिया है  यह प्रत्येक कॉलेज को भेजी जाती है, ताकि कोई गलती होने पर उसमें सुधार किया जा सके. याची को मामले में राहत नहीं दी जा सकती है, क्योंकि उसने निर्धारित आठ माह के अंदर मामले में डीयू से संपर्क कर शिकायत दर्ज नहीं कराई.

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने बोला कि रिकॉर्ड देखकर पता चलता है कि गोल्ड मेडल के लिए तैयार सूची को लेकर सिर्फ पहले भाग में घोषित परिणाम को ही शामिल किया गया. डीयू ने माना है कि इम्तिहान परिणाम को पूर्ण संकलित करने में उसके स्तर पर लापरवाही हुई है  सर्वाधिक अंक याची को ही प्राप्त हुए हैं. ऐसे में याची कुंदा दातार गोल्ड मेडल पाने की हकदार है.

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Group Editor / CMD Early News Group

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