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10 स्त्रियों को प्रदर्शनकारियों ने सबरीमाला मंदिर में जाने से रोका

आंध्र प्रदेश की रहने वाली चार स्त्रियों ने सबरीमाला मंदिर में जाने का कोशिश किया लेकिन उन्हें भी भक्तों ने अंदर नहीं जाने दिया. बताया जा रहा है कि रविवार को महिलाएं मंदिर की ओर जा रही थीं तभी अयप्पा भक्तों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया  वापस जाने को कहा. बता दें सुप्रीम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर पर ऐतिहासिक निर्णय सुनाया था. जिसके तहत सभी आयु की स्त्रियों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिली. इससे पहले केवल 12 वर्ष से कम  60 वर्ष से अधिक आयु वाली महिलाएं ही मंदिर में प्रवेश कर सकती थीं.

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बुधवार को भी जब मंदिर खुला तो करीब 10 स्त्रियों को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया क्योंकि उनकी आयु 50 वर्ष से कम थी. स्त्रियों में अधिकांश पत्रकार  कार्यकर्ता थीं. पुलिस का कहना है कि तीर्थ समूह के साथ आईं दो महिलाएं नहीं जानती थीं कि ईश्वर अयप्पा के लिए क्या अनुष्ठान किए जाते हैं इसलिए वह खुद ही आगे नहीं बढ़ीं. वह केरल के बाकी मंदिरों में भी दर्शन करने गई थीं. पुलिस ने बोला कि इन स्त्रियों ने इस संबंध में लिखित बयान भी दिया है.

इसके बाद एक अन्य महिला जब मंदिर में दर्शन के लिए आई तो उसका आधार कार्ड देखकर उसे आगे नहीं बढ़ने दिया. प्रदर्शनकारियों ने उससे बोला कि उसकी आयु 47 वर्ष है इसलिए वह अंदर नहीं जा सकती. महिला इस सबसे बहुत ज्यादा भय गई थी लेकिन उतने ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. एक अन्य महिला को भी मंदिर से कुछ ही दूरी पर रोक कर प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया. बाद में पुलिस उसे पंभा बेस कैंप लेकर गई.

इसके अतिरिक्त हैदराबाद की महिला पत्रकार कविथा जक्कल  कार्यकर्ता रेहाना फातिमा 100 पुलिसवालों की मौजूदगी में शुक्रवार को मंदिर पहुंची. लेकिन भक्तों  पुजारियों ने उनका रास्ता रोक लिया  मुख्य पुजारी ने बोला कि अगर उन्होंने मंदिर में जाने का कोशिश किया तो वह मंदिर बंद कर देंगे. वहीं फातिमा के घर में तो तोड़फोड़ भी की गई. मंदिर बोर्ड ने अब सुप्रीम न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्णय किया है. जिसके तहत वर्तमान दशा को देखते हुए निर्णय को अमल में लाने के लिए कुछ  समय की मांग की जाएगी.बीजेपी  सबरीमाला कर्म समिति जैसे कई संगठन सुप्रीम न्यायालय के निर्णय का विरोध कर रहे हैं. इनके द्वारा रैलियां भी निकाली जा रही हैं.

चेन्नई में हिंदू मल्लकल के कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं. उन्हीं में से विरोध कर रहे एक आदमी का कहना है कि ‘वह साफ नहीं हैं. वह ईश्वर अयप्पा की ब्रह्मचर्य की पवित्रका को बिगाड़ देंगे. वह केवल पब्लिसिटी के लिए आ रहे हैं. ‘

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Group Editor / CMD Early News Group

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