Saturday , April 20 2019 5:51 AM
Breaking News

शशि थरूर ने दिया ये बयान, हिंदू ग्रंथ अपने काम के लिये हिंसा के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देता

राम मंदिर आंदोलन के एक बार फिर जोर पकड़ने के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि कोई भी हिंदू ग्रंथ अपने काम के लिये हिंसा के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देता और शास्त्रों का कहना है कि लोगों को राम को अपने दिलों में बसाना चाहिए।

Image result for शशि थरूर

एक खास साक्षात्कार में थरूर ने कहा, ‘‘वास्तव में, अगर कुछ हैं, तो शास्त्रों में यह है कि राम को अपने दिलों में बसाएं। और अगर राम आपके दिल में बसे हैं तो फिर इसके कोई ज्यादा मायने नहीं होने चाहिए कि वह और कहां हैं या कहां नहीं हैं, क्योंकि वह हर कहीं हैं।’’

कांग्रेस सांसद अपने हाल के उस बयान के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी अच्छा हिंदू विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर मंदिर नहीं चाहेगा। थरूर ने अपनी बात पर जोर देते हुए पूछा कि क्या कोई अच्छा हिंदू हिंसा के बल पर राम मंदिर का निर्माण चाहेगा।

कांग्रेस नेता ने पूछा, ‘‘मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि क्या कोई हिंदू ऐसी अनमोल जगह हिंसक कृत्य की कीमत पर बनवाना चाहेगा। एक अच्छा हिंदू कानून का पालन करने वाला हिंदू है। एक अच्छा हिंदू वह है जिसमें ‘इंसानियत’ हो।’’ उन्होंने यह दलील भी दी कि एक अच्छा हिंदू स्वाभाविक रूप से वह है जो प्रार्थना करता है और प्रार्थना में विश्वास रखता है, हिंदू शास्त्र अपना रास्ता निकालने के लिये हिंसा के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देते।

थरूर ने सवाल उठाया, ‘‘एक अच्छा हिंदू स्वाभाविक रूप से वह है जो प्रार्थना करता है और अपनी प्रार्थना में विश्वास रखता है। लेकिन हमारे हिंदू ग्रंथों या हमारी हिंदू शिक्षाओं में आदि शंकराचार्य के समय से ही अहिंसा पर ज्यादा जोर दिया गया है। हमें यह कहां बताया गया है कि हमें अपने मकसद को पूरा करने के लिये दूसरों के खिलाफ हिंसा करनी चाहिए।’’ तिरूवनंतपुरम से लोकसभा सांसद ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि उनकी टिप्पणी में ऐसा क्या था जिसने ‘‘भाजपा को इतना चौंकाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अधिकतर अच्छे हिंदू जिन्हें मैं जानता हूं वह उस जगह पर राम मंदिर चाहते हैं जहां उनका मानना है कि उनका जन्म हुआ। लेकिन अधिकतर अच्छे हिंदुओं को दूसरों के पूजास्थल को ध्वस्त कर यह नहीं चाहिए था। और यह कमोबेश वही है जो अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने भी कहा है।’’ कांग्रेस नेता ने आडवाणी को उद्धृत किया जिन्होंने बाबरी मस्जिद गिराए जाने को ‘‘अपनी जिंदगी का सबसे दुखद दिन’’ करार दिया था।

About Anand Gopal Chaturvedi

Group Editor / CMD Early News Group

Check Also

पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहनकर पहले रोकी बस, 16 यात्रियों को उतारकर 14 को मार दी गोली

कराची।  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में अर्द्धसैन्य बलों की वर्दी पहने अज्ञात बंदूकधारियों ने एक ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *