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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के 130 से अधिक तालिबान लड़ाके किए ढेर

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। डूरंड रेखा पर तालिबान के हमले के जवाब में पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ (Operation Ghazab Lil Haq) शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी सेना और वायुसेना की इस संयुक्त कार्रवाई में अब तक 130 से अधिक अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की है कि यह अभियान “खुली जंग” का रूप ले चुका है।  और कहा कि सशस्त्र बल अफगान तालिबान की आक्रामकता का कड़ा जवाब दे रहे हैं। अभियान के बारे में जानकारी देते हुए सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि कम से कम 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं।

उन्होंने बताया, ‘‘काबुल, पकतिया और कंधार में अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया है और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।’’ उनके अनुसार अफगान तालिबान शासन की कम से कम 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि नौ अन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया गया। मंत्री ने बताया कि इस अभियान में दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय, दो गोला-बारूद डिपो, एक लॉजिस्टिक बेस, तीन बटालियन मुख्यालय, दो सेक्टर मुख्यालय और 80 से अधिक टैंक, तोपें तथा बख्तरबंद वाहन नष्ट कर दिए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उनके हवाले से बताया कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने अफगान तालिबान की खुली आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘कायर दुश्मन ने रात के अंधेरे में हमला किया। अफगान तालिबान ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की निंदनीय कोशिश की। पूरा देश सशस्त्र बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और इस हमले के गंभीर परिणाम होंगे।’’

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी कहा कि पाकिस्तान शांति और अपनी क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सशस्त्र सेनाओं की प्रतिक्रिया व्यापक और निर्णायक है। जो लोग हमारी शांति को कमजोरी समझते हैं, उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा।’’

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि पाकिस्तान की जनता और सशस्त्र बल देश की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल देश की सुरक्षा और शांति को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सेनाएं किसी भी आक्रामक मंसूबे को कुचलने में पूरी तरह सक्षम हैं। अपने प्यारे वतन की रक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा और हर आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’’

एक अन्य पोस्ट में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि नाटो सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी के बाद उम्मीद थी कि वहां शांति स्थापित होगी और तालिबान अफगान जनता के विकास तथा क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान देगा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत की कॉलोनी बना दिया है और दुनिया भर से आतंकियों को वहां इकट्ठा कर आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।’’

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने संबंध सामान्य बनाने के लिए सीधे और मित्र देशों के माध्यम से कई प्रयास किए, लेकिन ‘‘तालिबान भारत का मोहरा बन गया।’’ आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने पहले अफगान शरणार्थियों को शरण देकर ‘‘सकारात्मक’’ भूमिका निभाई, लेकिन ‘‘अब हमारा धैर्य खत्म हो चुका है। अब युद्ध छिड़ गया है।

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