Breaking
एलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक
Breaking Newsउत्तर प्रदेशराज्य

अखिलेश की तरफ से निराश शिवपाल यादव,पहुँच गये आज़म खान से मिलने।

लखनऊ : यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बात हुई. राजनीतिक पंडितों के अनुसार, आजम खान और उनका पूरा परिवार समाजवादी पार्टी की तरफ से दरकिनार किए जाने से नाराज हैं और चचा शिवपाल आजम खान को अपने पाले में कर अखिलेश को बड़ा सबक सीखाने की तैयारी में हैं.
कहा जाता है कि राजनीति में कौन कब किसका दोस्त और कब किसका दुश्मन हो जाए ये कहा नहीं जा सकता. दुश्मन का दुश्मन भी दोस्त कहलाता है. कहते हैं प्यार और जंग में हर चीज जायज है और ऐसा ही कुछ यूपी की सियासत में देखने को मिल रहा है.भतीजे अखिलेश यादव से बात नहीं बनने के बाद अब शिवपाल यादव शायद आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं और उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरु कर दी है. इसी कड़ी में उन्होंने आज यूपी के सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से मुलाकात की.दोनों के बीच ये मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली.
‘अखिलेश यादव ने अभी तक चाचा शिवपाल के साथ गठबंधन पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नही दी है जबकि शिवपाल यादव पूरा मन बनाए बैठे हैं,
दरअसल शिवपाल की नजर समाजवादी पार्टी के कोर वोटर माने जाने वाली मुस्लिम वोट बैंक पर है और आजम खान को अपनी पार्टी में शामिल कर शिवपाल यादव मुस्लिम चेहरे के साथ-साथ पश्चिमी यूपी में प्रगतिशिल पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं.चाचा शिवपाल कई बार समाजवादी पार्टी से गठबंधन की इच्छा जता चुके हैं. शिवपाल तो अपनी पार्टी का सपा में विलय करने तक को तैय़ार हैं.लेकिन, अखिलेश उन्हें भाव ही नहीं दे रहे हैं.
लगता हैं अब चाचा शिवपाल ने अखिलेश का खेल खराब करने की ठान ली है. वो ओवैसी और चंद्रशेखर से भी मुलाकात कर चुके हैं. शिवपाल नये समीकरण साधने में जुटे हैं और अगर वो इसमें सफल होते हैं तो भतीजे को थोड़ा-बहुत नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. क्योंकि चाचा के पास अब खोने के लिए ऐसा कुछ बचा भी नहीं है.

Related Articles

Back to top button