Breaking
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 8वीं बार जीता एशिया कप, मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से किया इनकारकुत्ते और बिल्लियों में एच5 बर्ड फ्लू के संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाहब्रिक्स समिट का समापन, दुनिया में बढ़ रहा तनाव, एक क्षेत्र तक संकट सीमित नहीं: PM मोदीModi-Jinping की मुलाकात, LAC से चीन ने घटाई सेनानीम करोली बाबा पर फिल्म हनुमान अंश ने कमाए 250 करोड़CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूरदिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत,5 घायलों का इलाज जारीदिल्ली सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग हादसे में अभी तक 5 लोगों का रेस्क्यू किया गया
Breaking Newsउत्तर प्रदेशराज्य

अखिलेश की तरफ से निराश शिवपाल यादव,पहुँच गये आज़म खान से मिलने।

लखनऊ : यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बात हुई. राजनीतिक पंडितों के अनुसार, आजम खान और उनका पूरा परिवार समाजवादी पार्टी की तरफ से दरकिनार किए जाने से नाराज हैं और चचा शिवपाल आजम खान को अपने पाले में कर अखिलेश को बड़ा सबक सीखाने की तैयारी में हैं.
कहा जाता है कि राजनीति में कौन कब किसका दोस्त और कब किसका दुश्मन हो जाए ये कहा नहीं जा सकता. दुश्मन का दुश्मन भी दोस्त कहलाता है. कहते हैं प्यार और जंग में हर चीज जायज है और ऐसा ही कुछ यूपी की सियासत में देखने को मिल रहा है.भतीजे अखिलेश यादव से बात नहीं बनने के बाद अब शिवपाल यादव शायद आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं और उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरु कर दी है. इसी कड़ी में उन्होंने आज यूपी के सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से मुलाकात की.दोनों के बीच ये मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली.
‘अखिलेश यादव ने अभी तक चाचा शिवपाल के साथ गठबंधन पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नही दी है जबकि शिवपाल यादव पूरा मन बनाए बैठे हैं,
दरअसल शिवपाल की नजर समाजवादी पार्टी के कोर वोटर माने जाने वाली मुस्लिम वोट बैंक पर है और आजम खान को अपनी पार्टी में शामिल कर शिवपाल यादव मुस्लिम चेहरे के साथ-साथ पश्चिमी यूपी में प्रगतिशिल पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं.चाचा शिवपाल कई बार समाजवादी पार्टी से गठबंधन की इच्छा जता चुके हैं. शिवपाल तो अपनी पार्टी का सपा में विलय करने तक को तैय़ार हैं.लेकिन, अखिलेश उन्हें भाव ही नहीं दे रहे हैं.
लगता हैं अब चाचा शिवपाल ने अखिलेश का खेल खराब करने की ठान ली है. वो ओवैसी और चंद्रशेखर से भी मुलाकात कर चुके हैं. शिवपाल नये समीकरण साधने में जुटे हैं और अगर वो इसमें सफल होते हैं तो भतीजे को थोड़ा-बहुत नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. क्योंकि चाचा के पास अब खोने के लिए ऐसा कुछ बचा भी नहीं है.

Related Articles

Back to top button