Breaking
Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूली
Breaking NewsMain slideअंतर्राष्ट्रीय

केपी शर्मा ओली के इस्तीफ़े के बाद अब कौन बनेगा नेपाल का प्रधानमंत्री? रेस में है चार नाम

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। नेपाल की सत्ता अब किसके हाथों में जाने वाली है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. सोशल मीडिया ऐप्स पर लगे बैन के बाद Gen-Z ने पूरे देश की तस्वीर बदलकर रख दी. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस्तीफा देने के बाद कहीं छिप गए हैं. अब नेपाल पीएम की रेस में चार नाम सामने आए हैं. इसमें पहला नाम पूर्व चीफ जस्टिस सुशील कार्की है. प्रधानमंत्री पद को लेकर एक वर्चुअल बैठक हुई है. इसको लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है.

‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसको लेकर करीब चार घंटे की एक वर्चुअल मीटिंग हुई. इसमें सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने मीटिंग के बाद जानकारी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों सुशीला कार्की के नाम पर सहमति जताई है. वे चाहते हैं कि सुशील नेपाल की कमान संभालें.

प्रधानमंत्री चुने जाने की प्रक्रिया आसान नहीं होगी. अगर सुशील सहमत होती हैं तो उन्हें पहले नेपाल के सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगदेल और इसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से मिलकर मंजूरी लेनी होगी. सुशीला इसके बाद ही पीएम पद को संभाल सकेंगी. सुशील के अलावा कई नाम प्रधानमंत्री पद के लिए चर्चा में हैं. अन्य संभावित नामों में कुलमन घीसिंग, सागर ढकाल और हरका संपांग हैं.

सुशील का जन्म 7 जून 1952 को बीरटनगर में हुआ था. उन्होंने राजनीति विज्ञान और कानून में पढ़ाई की, फिर वकालत और लीगल रिफॉर्म में करियर बनाया. उन्होंने 1972 में बीरटनगर के महेंद्र मोरंग कैंपस से बीए, 1975 में वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स की डिग्री और 1978 में नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की.

कार्की ने 1979 में बीरटनगर में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की और 1985 में धरान के महेंद्र मल्टीपल कैंपस में सहायक शिक्षक के रूप में काम किया. वे 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं. उन्हें 18 नवंबर 2010 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया. वे जुलाई 2016 से जून 2017 तक सर्वोच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश के पद पर भी रहीं.

Related Articles

Back to top button