Breaking
CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूरदिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत,5 घायलों का इलाज जारीदिल्ली सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग हादसे में अभी तक 5 लोगों का रेस्क्यू किया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला गिरी इमारत हादसे में घायल 4 की हालत गंभीरदिल्ली 3 लोगों को ट्रामा सेण्टर पहुँचाया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका, NDRF की टीम राहत बचाव में जुटीNashik में सड़कों पर क्यों उतरे आदिवासी छात्र? Rahul Gandhi के समर्थन मेंसत्य निकेतन के पास अचानक 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
Breaking Newsराजनीति

भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री ने हेमंत सोरेन पर साधा निशाना कहा बड़े से ज़्यादा छोटे मे दम

रांची. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बड़ा विवादित बयान दिया है. उन्होंने हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुभव की बहुत कमी है और वे फ्लॉप मुख्यमंत्री साबित हुए हैं।उनसे ज्यादा तजुरबा तो उनके छोटे भाई बसंत सोरेन को है उनको ही सीएम बनाना चाहिए, रघुवर दास ने कहा कि 19 महीने की हेमंत सरकार में राज्य में आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं. इसलिए जेएमएम को अक्षम और अनुभवहीन सीएम को पद से हटाना चाहिए. सोरेन परिवार से ही सीएम बनाना है तो बसंत सोरेन के सीएम बनाना चाहिए. रघुवर दास ने कहा कि जेएमएम में कई ऐसे विधायक हैं जिनका लंबा राजनीतिक अनुभव है. नलिन सोरेन, स्टीफन मरांडी, लोबिन सोरेन जैसे सीनियर नेता को सीएम बनाना चाहिए. लेकिन अगर सोरेन परिवार से ही किसी को मुख्यमंत्री बनाना है, तो युवा तुर्क नेता बसंत सोरेन को जेएमएम मुख्यमंत्री बनाए.

बीजेपी नेता ने निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री के होते हुए सबसे ज्यादा आदिवासियों पर अत्याचार हुआ है. पिछले 19 महीने के कार्यकाल में हेमंत सरकार में सबसे ज्यादा आदिवासियों की हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं हुई हैं. सूबे में कानून व्यवस्था की हालत लचर है. आए दिन हत्या, लूट, बलात्कार की घटना होती रहती हैं. इसलिए ऐसे अक्षम और अनुभवहीन मुख्यमंत्री को तत्काल बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए.
रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सरकार को ब्यूरोक्रेट्स चला रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री मूकदर्शक बने हुए हैं. ऐसी स्थिति में जिस सोच के साथ स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड का निर्माण किया था और जेएमएम ने भी राज्य के निर्माण के लिए आंदोलन किया था. जेएमएम के नेताओं को अब आगे आकर अक्षम सीएम को पद से हटाना चाहिए.

Related Articles

Back to top button