Breaking
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़पAsian Games 2026 | Gold For India | कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने रचा इतिहास, 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में भारत को दिलाया गोल्डभारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 8वीं बार जीता एशिया कप, मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से किया इनकारकुत्ते और बिल्लियों में एच5 बर्ड फ्लू के संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाहब्रिक्स समिट का समापन, दुनिया में बढ़ रहा तनाव, एक क्षेत्र तक संकट सीमित नहीं: PM मोदीModi-Jinping की मुलाकात, LAC से चीन ने घटाई सेनानीम करोली बाबा पर फिल्म हनुमान अंश ने कमाए 250 करोड़CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूर
Breaking NewsMain slideअंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका ने उड़ाए ईरानी पोर्ट, बदले में US वॉरशिप्स को पहुँचाया नुकसान

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। जहां अमेरिका और ईरान के बीच भले ही सीजफायर लागू हो लेकिन जंग की आग एक बार फिर से भड़कते हुए दिखाई दे रही है। 7 मई को होर्मुज स्ट्रीट में कुछ ऐसा हुआ जिसने जंग किया को फिर से भड़का दिया है। ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया तो जवाब में डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने ईरान की बंदरगाहों पर जोरदार स्ट्राइक कर दी है और ईरान में भारी बमबारी अमेरिका के द्वारा की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम के मुताबिक उनके तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस राफेल पराल्टा और यूएसएस मसोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान ने उकसाने वाली कारवाई करते हुए मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें बेचकर हमला करने की कोशिश की। हालांकि अमेरिकी सेना ने इन सभी खतरों को हवा में ही नाकाम कर दिया और हमले के तुरंत बाद अमेरिका ने जवाबी कारवाई करते हुए अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के काशम और बंदर अब्बास जैसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया।

इन हमलों में उन साइट्स को तबाह कर दिया गया है। जहां से ड्रोन और मिसाइल ल्च की जा रही थी ईरान की ओर से। साथ ही में ईरान के कमांड सेंटर और खुफिया निगरानी केंद्रों को भी अमेरिका की ओर से भारी नुकसान पहुंचाया गया है। ईरान के मिनाप शहर और हॉर्मोसगान प्रांत में भी धमाकों की आवाज सुनाई दी है। इस पूरी कारवाही पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया है। ट्रंप ने इसे एक लव टैप करार दिया है। यानी प्यार से दी गई थपकी। उन्होंने टूट सोशल पर लिखा कि ईरानी हमलों में अमेरिकी जहाज को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। जबकि ईरानी हमलावरों को भारी तबाही झेलनी पड़ी है। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ईरानी ड्रोन हवा में वैसे ही गिर रहे थे जैसे कोई तितली अपने कब्र की ओर गिर रही हो। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल जो उठकर आ रहा है वो यही है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच का सीज फायर इस हमले के बाद खत्म हो गया है? तो इसका जवाब भी राष्ट्रपति ट्रंप ने ही दिया है। जब मीडिया ने ट्रंप से सवाल पूछा कि क्या अब भी सीज फायर बरकरार है? तो ट्रंप ने स्पष्ट लहजे में कहा अभी सीज फायर है लेकिन उन्होंने हमारे साथ खिलवाड़ किया और हमने उन्हें उड़ा दिया। अगर सीज फायर खत्म हुआ तो आपको पूछना नहीं पड़ेगा। बस ईरान से निकलता हुआ एक बड़ा आग का गोला दिखाई देगा। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो जल्द से जल्द समझौते पर दस्तखत कर ले।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, तेहरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन अमेरिकी युद्धपोतों पर जवाबी हमला किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने खुलासा किया कि ईरान द्वारा किए गए इस हमले में जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन शामिल थे। यह हमला ईरान के जास्क में एक ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिका द्वारा किए गए जवाबी हमले का हिस्सा था। ईरान ने दावा किया कि यह हमला युद्धविराम के उल्लंघन के परिणामस्वरूप उकसाया गया था और इससे अमेरिकी सेना और अमेरिकी युद्धपोतों को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बाद में पुष्टि की कि यूएसएस ट्रक्सटन, यूएसएस राफेल पेराल्टा और यूएसएस मेसन को ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों द्वारा निशाना बनाया गया था, लेकिन अमेरिकी युद्धपोत ने सफलतापूर्वक जवाबी हमला किया और आईआरजीसी के दावे के विपरीत अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।

Related Articles

Back to top button