Breaking
Realme P4R आगमन, 8000mAh बैटरी से मचाएगा तहलका, जानें फीचर्सटॉम क्रूज के को-स्टार जेम्स हैंडी की हत्या, गर्लफ्रेंड का बेटा कातिलरूस ने भारत को दिया 5वीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का ऑफरकॉकरोच जनता पार्टी की पहली रैली में भारी भीड़, राजनेताओं की उड़ी नींदकुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक, एक भारतीय की मौतभारत को रूस से मिला चौथा S-400 स्क्वाड्रन, जानें कैसे बढ़ेगी ताकतहैमस्ट्रिंग की चोट के कारण विराट कोहली हुए अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहररणवीर सिंह को बड़ी राहत, FWICE ने असहयोग का फैसला लिया वापसट्रेड एक्ट ‘सेक्शन 301’ के तहत भारत और चीन पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्तावखोड़ा में 2 अवैध मदरसे सील, तीसरे पर कार्रवाई
स्पोर्ट्स

भारत को भावना ने दिलाया टोक्यो में पहला रजत पदक

नई दिल्ली। टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ी लगातार अपना जलवा दिखा रहे हैं। भारतीय खिलाड़ी अपनी पूरी मेहनत और लगन के साथ भारत को पदक दिलाने में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में भारत के नाम एक और पदक हुआ है। भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भावना ने भारत की झोली में एक और पदक डाला है। भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक अपने नाम किया है। भाविना पटेल महिला एकल वर्ग 4 के फाइनल में चीन की झोउ यिंग से हार गईं। इस तरह उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा। टोक्यो में जारी पैरालिंपिक खेलों में भारत का ये पहला पदक है, जो सिल्वर मेडल के रूप में आया है। इस तरह खेल दिवस भारत के लिए खास हो गया है।

भाविना पटेल को चीन को झोउ यिंग से 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, बावजूद इसके भारत ने टोक्यो में पैरालिंपिक में पहला पदक जीत लिया है। भाविना पटेल ने रजत पदक जीता और टेबल टेनिस इतिहास में भारत के लिए यह पहला पदक भी है। इस तरह भाविना पटेल ने देश के लिए इतिहास रच दिया है। टोक्यो ओलिंपिक खेलों में भी भारत को पहला पदक रजत पदक के रूप में मिला था।

गुजरात के मैहसाणा जिले में जन्मीं भाविना पटेल ने विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ी है। छोटी परचून की दुकान के घर का गुजारा चालने वाले हंसमुखभाई पटेल की बेटी भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक अपने नाम किया है। हालांकि, उनको स्वर्ण पदक की दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि उन्होंने फाइनल से पहले तक शानदार खेल दिखाया था, लेकिन राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।

Related Articles

Back to top button