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पैरालंपिक्स में अवनी लेखरा ने रचा नया इतिहास

टोक्यो: टोक्यो पैरालिंपिक्स (Tokyo Paralympics) में भारत के गोल्ड मेडल (Gold Medal) का खाता खुल चुका है. ये खाता खोला है भारत की महिला निशानेबाज अवनि लेखरा (Avani Lekhara) ने, जिन्होंने 10 मीटर एयर स्टैंडिंग में पैरालिंपिक्स रिकॉर्ड बनाते हुए देश के लिए सुनहरी जीत दर्ज की. फाइनल मुकाबले में अवनि ने 249.6 पॉइट के साथ गोल्ड पर अपना कब्जा जमाया। अवनि शुरुआत से ही शानदार फॉर्म में नजर आईं और उन्होंने पूरे मैच में अपना दबदबा कायम रखा। अवनि भारत की तरफ से पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वालीं पहली महिला खिलाड़ी हैं। पैरालंपिक में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है।। रविवार को पहले टेबल टेनिस में भाविना पटेल ने और फिर हाई जंप में निषाद कुमार ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। अवनि ने 7वें पोजीशन पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था।

अवनि लेखरा जब 11 साल की थीं तभी वो एक रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गई. इस एक्सीडेंट में उन्हें स्पाइनल कोर्ड इंजरी हो गई, जिसके चलते वो पैरालाइज हो गईं. राजस्थान के जयपुर से ताल्कुक रखने वाले अवनि की वर्ल्ड रैंकिंग महिलाओं के 10 मीटर एयर स्टैंडिंग निशानेबाजी के SH1 इवेंट में 5वीं है. पारा स्पोर्ट्स में उतरने के लिए अवनि का हौसला उनके पिता ने बढ़ाया था. उन्होंने शूटिंग और आर्चरी दोनों में अपने हाथ आजमाए. लेकिन अंत में शूटिंग को अपना करियर बनाया.

भारतीय पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष दीपा मलिक रियो पैरालंपिक 2016 में गोला फेंक में सिल्वर मेडल जीतकर इन खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थी। अवनि से से पहले भारत की तरफ से पैरालंपिक खेलों में मुरलीकांत पेटकर (पुरुष तैराकी, 1972), देवेंद्र झाझरिया (पुरुष भाला फेंक, 2004 और 2016) तथा मरियप्पन थंगावेलु (पुरुष्ज्ञ ऊंची कूद, 2016) ने गोल्ड मेडल जीते थे। अवनि ने इससे पहले क्वालीफिकेशन राउंड में 21 निशानेबाजों के बीच सातवें स्थान पर रहकर फाइनल्स में प्रवेश किया था। उन्होंने 60 सीरीज के छह शॉट के बाद 621.7 का स्कोर बनाया जो शीर्ष आठ निशानेबाजों में जगह बनाने के लिये पर्याप्त था।

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