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उत्तर प्रदेश

ख़त्म हुए मतभेद , चाचा भतीजा मिल कर करेंगे बीजेपी का यूपी से सफाया |

लखनऊ । समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव की पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है।जैसा की सभी को उम्मीद की जा रही थी की पिछले चुनाव की गलती शायद इस बार सपा न दोहराये और राजनैतिक मदभेद दूर कर के दो परिवार प्रेम से एक हो जाएँ, आखिर वो दिन आ गया अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने लगातार प्रयास किया कि छोटे दलों को साथ लिया जाए और उसमें कई दल पार्टी के साथ में आए हैं। पार्टी की कोशिश है कि जितने भी छोटे दल हैं उनको जोड़ा जाए और स्वाभाविक है कि चाचा (शिवपाल सिंह यादव) के दल को भी साथ में लेने का काम करेंगे। उनका पूरा सम्मान होगा ।
बड़ी खबर आ रही है. असल में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में वह अपने चाचा की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ करार करेंगे और मिलकर चुनाव लड़ेंगे. असल में इसे दिवाली पर चाचा शिवपाल यादव को बड़ा तोहफा माना जा रहा है. क्योंकि शिवपाल सिंह एसपी के गठबंधन करने के लिए काफी दिनों से लगे हुए थे और लगातार बयान दे रहे थे. लेकिन आज अखिलेश ने कहा है कि, आगामी विधानसभा चुनाव में एसपी चाचा की पार्टी प्रगतिशील समाज पार्टी और और सभी छोटे और क्षेत्रीय दलों के साथ चुनावी गठबंधन करेगी. हालांकि पहले माना जा रहा था अखिलेश यादव मुलायम सिंह के 22 नवंबर को होने वाले जन्मदिन से पहले चाचा के साथ चुनावी गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं. लेकिन उन्होंने चाचा को इससे पहले ही ऐलान कर दिवाली का गिफ्ट दिया है.

उन्होंने कहा कि वह चाचा को पूरा सम्मान देंगे. असल में राज्य में चुनावी गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव सभी छोटे दलों को अपने गठबंधन में शामिल कर रहे हैं. जबकि शिवपाल लगातार एसपी के साथ गठबंधन को लेकर बयान दे रहे थे। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी तरफ से सभी तरह से प्रयास कर लिए हैं. अब जवाब उस तरफ से आना है.
वहीं अखिलेश यादव ने देश और राज्य में हो रही महंगाई को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि महंगाई से हर कोई परेशान है, हर चीज में महंगाई है. राज्य में किसान, युवा सभी परेशान है और बीजेपी सरकार किसानों को उर्वरक भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है. जबकि राज्य में सीएम योगी एसपी सरकार के कार्यो का उद्घाटन कर रहे हैं.

पिछले विधानसभा चुनाव में शुरू हुई थी चाचा-भतीजे की सियासी रंजिश
फिलहाल इसे शिवपाल सिंह के लिए राहत की खबर माना जा रहा है. क्योंकि वह अपने सियासी वजूद के लिए संघर्ष कर रहे थे. जबकि एसपी राज्य में पीएसपी का विलय कराने के लिए दबाव बना रही थी. असल में राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के समय से ही चाचा-भतीजे के बीच सियासी रंजिश चल रही है. माना जा रहा था कि ये जंग जंग मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के दिन खत्म हो सकती है. लेकिन अखिलेश यादव ने दिवाली से पहले ही बयान देकर अटकलों को खत्म कर दिया है. मुलायम सिंह का जन्मदिन 22 नवंबर को है. जबकि दो दिन पहले ही शिवपाल सिंह ने बयान दिया था कि यूपी चुनाव में अगर उनका एसपी के साथ चुनावी गठबंधन नहीं होता है तो मुलायम सिंह उनकी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे.
वहीं अखिलेश यादव ने देश और राज्य में हो रही महंगाई को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि महंगाई से हर कोई परेशान है, हर चीज में महंगाई है. राज्य में किसान, युवा सभी परेशान है और बीजेपी सरकार किसानों को उर्वरक भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है. जबकि राज्य में सीएम योगी एसपी सरकार के कार्यो का उद्घाटन कर रहे हैं.
फिलहाल इसे शिवपाल सिंह के लिए राहत की खबर माना जा रहा है. क्योंकि वह अपने सियासी वजूद के लिए संघर्ष कर रहे थे. जबकि एसपी राज्य में पीएसपी का विलय कराने के लिए दबाव बना रही थी. असल में राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के समय से ही चाचा-भतीजे के बीच सियासी रंजिश चल रही है. माना जा रहा था कि ये जंग जंग मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के दिन खत्म हो सकती है. लेकिन अखिलेश यादव ने दिवाली से पहले ही बयान देकर अटकलों को खत्म कर दिया है. मुलायम सिंह का जन्मदिन 22 नवंबर को है. जबकि दो दिन पहले ही शिवपाल सिंह ने बयान दिया था कि यूपी चुनाव में अगर उनका सपा के साथ चुनावी गठबंधन नहीं होता है तो मुलायम सिंह उनकी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे |

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