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भारत को भावना ने दिलाया टोक्यो में पहला रजत पदक

नई दिल्ली। टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ी लगातार अपना जलवा दिखा रहे हैं। भारतीय खिलाड़ी अपनी पूरी मेहनत और लगन के साथ भारत को पदक दिलाने में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में भारत के नाम एक और पदक हुआ है। भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भावना ने भारत की झोली में एक और पदक डाला है। भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक अपने नाम किया है। भाविना पटेल महिला एकल वर्ग 4 के फाइनल में चीन की झोउ यिंग से हार गईं। इस तरह उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा। टोक्यो में जारी पैरालिंपिक खेलों में भारत का ये पहला पदक है, जो सिल्वर मेडल के रूप में आया है। इस तरह खेल दिवस भारत के लिए खास हो गया है।

भाविना पटेल को चीन को झोउ यिंग से 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, बावजूद इसके भारत ने टोक्यो में पैरालिंपिक में पहला पदक जीत लिया है। भाविना पटेल ने रजत पदक जीता और टेबल टेनिस इतिहास में भारत के लिए यह पहला पदक भी है। इस तरह भाविना पटेल ने देश के लिए इतिहास रच दिया है। टोक्यो ओलिंपिक खेलों में भी भारत को पहला पदक रजत पदक के रूप में मिला था।

गुजरात के मैहसाणा जिले में जन्मीं भाविना पटेल ने विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ी है। छोटी परचून की दुकान के घर का गुजारा चालने वाले हंसमुखभाई पटेल की बेटी भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक अपने नाम किया है। हालांकि, उनको स्वर्ण पदक की दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि उन्होंने फाइनल से पहले तक शानदार खेल दिखाया था, लेकिन राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।

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