Breaking
भारत में दुनिया से एक दिन पहले रिलीज़ होगी टॉम हॉलैंड की ‘Spider-Man: Brand New Day’अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौता तय, यूरोप में होंगे हस्ताक्षरइंडियन नेवी ने जहाज से निकाल लाई जिंदा मिसाइल, हादसे को टालाबिहार में शराब माफियाओं पर सख्त एक्शन का आदेश, बुलाई हाई लेवल मीटिंगअमेरिका ने भारतीय जहाज ‘MT जलवीर’ पर किया हमला, शिप पर सवार हैं 20 नाविकममता को एक और बड़ा झटका, सांसद प्रकाश चिक बारिक ने राज्य सभा से दिया इस्तीफारजनीकांत-कमल हासन को लॉन्च करने वाले पद्मश्री विजेता डायरेक्टर भरतहिराजा का निधनजम्मू-कश्मीर: उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से सेना के दो जवान शहीदअब दुश्मनो की खैर नहीं, भारत ने तैनात किए 12 परमाणु बमफिलीपीन्स में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में उठीं सुनामी
अंतर्राष्ट्रीय

WHO:’वैक्सीन रंगभेद’ के खतरे में है दुनिया, कम आय वाले देशों को नहीं मिल रहे वैकसीन

पेरिस। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसिस ने आशंका जताई है कि दुनिया में ‘वैक्सीन रंगभेद’ हो रहा है. उन्‍होंने ऊंची आय वाले देशों और निम्न एवं निम्न-मध्यम आय वाले देशों के बीच कोविड (Covid) टीकाकरण के अंतर को उजागर करते हुए सोमवार को यह बात कही.

पेरिस पीस फोरम स्प्रिंग मीटिंग में डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख ने कहा, ‘मैं केवल यह नहीं कहूंगा कि दुनिया को वैक्‍सीन रंगभेद का खतरा है, बल्कि इससे एक कदम आगे जाकर यह कहूंगा कि दुनिया में वैक्सीन रंगभेद हो रहा है. ऊंची आय वाले देशों में दुनिया की आबादी का 15 प्रतिशत हिस्सा रहता है, लेकिन उनके पास दुनिया के 45 प्रतिशत वैक्‍सीन हैं. वहीं निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में दुनिया की आबादी का लगभग आधा हिस्सा रहता है, लेकिन उन्हें दुनिया के कुल वैक्‍सीन के सिर्फ 17 प्रतिशत वैक्‍सीन ही मिले हैं. यह बहुत बड़ा अंतर है.’

 

Related Articles

Back to top button