Breaking
Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूली
एजुकेशन

“रूस को नियंत्रित करने के लिए आज वर्ल्ड पार्लियामेंट की नितांत आवश्यकता है।” –  डॉ जगदीश गाँधी

शुक्रवार, 08 अप्रैल 2022। आज गोमती नगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए सिटी मोंटेसरी स्कूल के संस्थापक, डॉ जगदीश गांधी ने कहा की “आज यूक्रेन पर हो रही त्रासदी के चलते रूस को ना तो संयुक्त राष्ट्र संघ, ना ही सुरक्षा परिषद और ना ही अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय रोकने में सफल हो पायें हैं। ऐसे में विश्व स्तर पर एक बड़ी ताकत की नितांत आवश्यकता है और अब सिर्फ विश्व संसद और विश्व सरकार जैसी महाशक्ति ही रूस जैसी ताकत को रोकने में सफल होगी।”

इस संदर्भ में उन्होंने विश्व के समस्त राष्ट्राध्यक्षों को लिखे गए अपने पत्र को साझा किया। उन्होंने बताया
की इस पत्र के माध्यम से विश्व के सभी राष्ट्राध्यक्षों से अपील की है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय जैसी वैश्विक संस्थाएं रूस और यूक्रेन के युद्ध रोकने में सफल नहीं रही हैं। यूक्रेन में बढ़ते युद्ध का समाधान और रूस को युद्धविराम घोषित करने के लिए मजबूर करने में विफल रहे, हमें भावी तीसरे विश्व युद्ध का डर है।

डॉ गाँधी ने कहा की “आज, यूरोपीय संघ 27 संप्रभु सदस्य देशों के साथ एक अनुकरणीय उदाहरण है और यूरोपीय संघ के 19 देशों ने एक सामान्य मुद्रा, यूरो को अपनाया है। इसके गठन के बाद से, यह युद्धरत राष्ट्रों के बीच युद्धों को रोकने में सफल रहा है और यूरोप में स्थायी शांति लाया है। इसी प्रकार से आज एक वर्ल्ड पार्लियामेंट की आवश्यकता है जो विश्व के राष्ट्रों का नेतृत्व करने में सक्षम हो ताकि रूस को जैसी ताकत मनमानी करने से रोका जा सके।”

Related Articles

Back to top button