DG ITBP के बयान पर विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया, कहा- भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में स्थिति तब बिगड़ जाती है…

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।
नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश सीमा पर टकराव की स्थिति को लेकर दिए आईटीबीपी के महानिदेशक के बयान पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है. प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि हमने पहले भी जानकारी दी है कि भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में स्थिति तब बिगड़ जाती है, जब चीन की सेनाएं अपनी तय गश्त की प्रक्रिया से हट जाती हैं.
उन्होंने कहा है कि दोनों पक्ष LAC पर लंबित मुद्दों को सुलझाने और किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और मिलिट्री सिस्टम का उपयोग करना जारी रखे हुए हैं.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कुछ विशिष्ठ इलाकों में एलएसी को लेकर आपसी समझ को बेहतर तरीकों पर चर्चा करने के लिए सहमत हुए हैं. मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगा कि द्विपक्षीय रिश्तों के लिए बॉर्डर इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है.
दरअसल, आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने कहा है कि पिछले कुछ वक्त से एलएसी पर कई बार चीन की पीएलए आर्मी और भारत के सैनिकों का आमना सामना हुआ है. टकराव की स्थिति निर्मित हुई. ITBP ने उनका बेहतर मुकाबला किया. उन्होंने शौर्य फोर्स के कमांडों की बहादुरी की तारीफ की थी. उनके बयान के बाद से लगातार चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर विपक्षी दल सरकार को घेर रहे हैं.
इसके अलावा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि हम ईरान को जीवन रक्षक दवाओं (Life Saving Medicine) की आपूर्ति में लगातार मदद कर रहे हैं. इस इलाके में चल रहे संघर्ष के कारण दोनों देशों के बीच फ्लाइट कनेक्टिविटी को लेकर कई चुनौतियां पैदा हुई हैं. हम मानवीय दृष्टिकोण से जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए अपने ईरान काउंटरपार्ट्स के साथ कॉन्टेक्ट में हैं.






