Breaking
एलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक
अंतर्राष्ट्रीय

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग करने का लिया संकल्प

नई दिल्ली। दुनिया के सात अमीर देशों के समूह जी-7 के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार को स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के महत्व को दोहराया और भारत के साथ सहयोग का संकल्प लिया। जी-7 ने इसके साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आसियान दृष्टिकोण के अनुरूप सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि भी की।

यह टिप्पणियां मध्य जापान के नागानो के करुइजावा में आयोजित तीन दिनी बैठक में सामने आई हैं। जी-7 के विदेश मंत्रियों ने कहा, हम मुक्त व खुले हिंद-प्रशांत को कानून के शासन के आधार पर समावेशी, समृद्ध, सुरक्षित क्षेत्र बनाना चाहते हैं, जो संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, मौलिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों सहित साझा सिद्धांतों की रक्षा करता है।

जी-7 के विदेश मंत्रियों की साझा विज्ञप्ति में बताया गया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साथ अपने जुड़ाव को बढ़ाने के लिए हम अपने भागीदारों का स्वागत करते हैं। हम आसियान और इसके क्षेत्रीय भागीदारों के साथ अपने समन्वय को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। मंत्रियों ने प्रशांत द्वीप देशों के साथ साझेदारी की फिर से पुष्टि की और छोटे द्वीप विकासशील राज्यों पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से प्राथमिकताओं व जरूरतों का समर्थन दोहराया।

जी-7 के विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन में युद्ध को लेकर रूस के खिलाफ पाबंदियां बढ़ाने का संकल्प लिया है। मंगलवार को खत्म हुई बैठक के बाद एक साझा बयान में जी-7 ने कहा कि हम रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को बढ़ाने और उन्हें पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, युद्ध अपराधों व नागरिक तथा बुनियादी ढांचों पर रूसी हमलों पर कोई दंड मुक्ति नहीं हो सकती।

जी-7 के विदेश मंत्रियों की बैठक में चीन-ताइवान और उत्तर कोरिया की आक्रामकता पर भी चर्चा हुई। इस दौरान ग्लोबल साउथ देशों के साथ सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर भी बातचीत की गई।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेलारूस में एटमी हथियारों की तैनाती की धमकी की जी-7 देशों ने निंदा करते हुए इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया है। उन्होंने इसे रूस की गैरजिम्मेदाराना हरकत बताया।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के मुख्यालय का दौरा किया है। क्रेमलिन द्वारा मंगलवार को जारी एक वीडियो में दिख रहा है कि पुतिन दक्षिण खेरसॉन में रूसी बलों के कमान केंद्र का दौरा कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button