Breaking
बिहार में विजय कुमार चौधरी और विजयेंद्र प्रसाद यादव ने ली उप मख्यमंत्री की शपथसम्राट चौधरी बने बिहार 24 वें मुख्यमंत्री, ली शपथबिहार में नितीश के बाद अब ‘सम्राट युग’ की शुरुआत, क्या-क्या रहेंगी चुनौतियांबिहार: नीतीश कुमार के भरोसे की वजह से मिल रहा है हमें मिल रहा Dy,CM पद- विजय कुमार चौधरीनीतीश कुमार के इस्तीफे बाद अब सम्राट चौधरी, बिहार के नए मुख्यमंत्रीबिहार के सियासी इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का सीएम बनने जा रहा हैबिहार: सम्राट चौधरी लोकभवन के लिए रवाना, CM पद की शपथ लेने से पहले किए पंचरूपी हनुमान जी के दर्शनAAP सांसद Ashok Mittal के घर ED की छापेमारी, Raghav Chadha की जगह मिलते ही रडार पर आए ‘लवली यूनिवर्सिटी’ के मालिकIPL 2026: केकेआर की हार का सिलसिला जारी, चेन्नई सुपर किंग्स ने दर्ज की दूसरी जीतEarly News Hindi Daily E-Paper 15 April 2026
उत्तर प्रदेश

जरूरत नोटबंदी की नहीं खोटबंदी की ,अखिलेश यादव ने बीजेपी पर किया तंज ।

लखनऊ,ना काला धन रुका, न भ्रष्टाचार, न आतंकवाद। नोटबंदी से अर्थव्यवस्था व आय बढऩे का भाजपाई दावा अगर सच होता तो आयकर संग्रहण बढ़ता। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि गरीब, भूखे, वंचित वर्ग के लोग इस बार भाजपा को ‘वोटबंदी’ करके करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की पांचवीं बरसी पर भाजपा उनका खुलासा करे जो काला धन लेकर विदेश फरार हो गए या वहां जा बसे हैं।
अखिलेश ने प्रदेश कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा ने अपने अब तक के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में सिर्फ अव्यवस्था और अराजकता फैलाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं किया है। नफरत का तानाबाना फैलाने के साथ समाज को बांटने और विभाजनकारी प्रवृत्तियों को बढ़ाने में ही भाजपा लगी रहती है। झूठ के लिए ही उसका मंथन, निरंतर चलता रहता है।

अखिलेश ने कहा कि उन्नाव में भूमि पर कब्जा हो जाने से परेशान किसान को इस सरकार में न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में विधान भवन के सामने आत्मदाह को मजबूर हो गया। बागपत जिले में कर्ज में डूबे किसान द्वारा आत्महत्या की घटना कम हृदयविदारक नहीं है। बड़े जोर-शोर से दावे किए जाते हैं कि भाजपा राज में देश में खुशहाली आई है। महिलाओं-बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है, ङ्क्षकतु हकीकत यह है कि 33 लाख से ज्यादा बच्चे कुपोषित हैं। नवंबर 2020 से 14 अक्टूबर 2021 के बीच गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या में 91 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

Related Articles

Back to top button