MEA Press Briefing : FCRA पर अमेरिकी टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, बोला ‘हमारी संसद ही लेगी फैसला’

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।
दिल्ली। FCRA पर अमेरिकी टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, बोला ‘हमारी संसद ही लेगी फैसला’ विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में आज प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। इस दौरान प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक पर एक अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के विधायी मामलों में बाहरी टिप्पणियों का कोई स्थान नहीं है और इस संबंध में निर्णय देश की संसद ही करेगी
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने एफसीआरए पर की गई टिप्पणियों को देखा है, लेकिन भारत से जुड़े विधायी विषय पूरी तरह देश के आंतरिक मामले हैं और इन पर निर्णय संसद द्वारा लिया जाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका सहित कई देश विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अपने-अपने कानून लागू करते हैं।
साथ ही, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की 5 अगस्त को हुई मीडिया बातचीत के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वह एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम था, जिसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच पर व्यक्त किसी भी विचार, विशेषकर बांग्लादेश की विधिवत निर्वाचित सरकार के संबंध में की गई टिप्पणियों का भारत सरकार समर्थन नहीं करतीइसके अलावा, पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों तथा नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर जायसवाल ने कहा कि यह भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन वहां के शिपिंग मंत्रालयों, समुद्री प्राधिकरणों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भारतीय मिशनों द्वारा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन भी चलाई जा रही हैं। साथ ही भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने, व्यापारिक गतिविधियों के निर्बाध संचालन तथा नागरिक ढांचे, आम नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना नहीं बनाने की अपील भी दोहराई।
श्रीलंका की यात्रा पर गए विदेश सचिव विक्रम मिस्री के दौरे के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और अपने समकक्ष विदेश सचिव से उच्चस्तरीय वार्ताएं कीं। इन बैठकों में विकास सहयोग, वर्तमान परियोजनाओं, चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद शुरू की गई नई विकास योजनाओं सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। भारतीय मछुआरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा, जिस पर भारत ने एक बार फिर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मछुआरों की आजीविका और कल्याण को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए। श्रीलंका के संबंध में ही प्रभासाक्षी के प्रश्न पर प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने श्रीलंका से लंबे समय से लंबित प्रांतीय परिषद चुनाव शीघ्र कराने तथा संविधान के तहत तमिल समुदाय की राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई टेलीफोन वार्ता पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी है। दोनों नेताओं ने इस साझेदारी और आपसी मित्रता को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत बनाने पर चर्चा की। साथ ही पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सोमालिया और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इन घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है। इसी तरह सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को लेकर भी जायसवाल ने कहा कि भारत इस विकासक्रम पर निकटता से नजर रख रहा है और आवश्यक होने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
अफ्रीका दिवस के आयोजन पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत हर वर्ष अफ्रीका के साथ अपनी एकजुटता, सहयोग और साझेदारी का उत्साहपूर्वक उत्सव मनाता है। इस वर्ष आयोजित समारोह में विदेश मंत्री ने भी भाग लिया, जो भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है। बहरहाल, आइये देखते हैं विदेश मंत्रालय की विस्तृत प्रेस वार्ता के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने और क्या बातें कहीं।




