Breaking
Rahul Gandhi का बड़ा आरोप: Delimitation से BJP छीनना चाहती है Tamil Nadu की ताकतApple ला रहा फोल्डेबल फ़ोन, 7.8-इंच स्क्रीन और A20 Pro चिपसेट वाला Iphone Ultraयुवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूली
Breaking NewsMain slideराष्ट्रीय

युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। नीट परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने देश के युवाओं को एक पत्र से संबोधित किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव विश्वास रहा है कि एक सशक्त समाज, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

X पर उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर के हालात का फ़ायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी पेचीदगियों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है।

सूत्रों ने बताया कि प्रधान ने खुद नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दिया था, उन्हें हटाया नहीं गया था। इससे पता चलता है कि सरकार उन्हें सम्मानजनक विदाई देना चाहती थी। ओडिशा में जन्मे बीजेपी नेता ने सबसे पहले 2021 में शिक्षा मंत्री का पद संभाला था और 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद उन्हें फिर से नियुक्त किया गया था। एग्जाम पेपर लीक की कई घटनाओं के कारण आलोचना झेल रहे प्रधान ने शुरुआत में ही साफ़ कर दिया कि पद छोड़ना निजी सम्मान का मामला नहीं है। मई में हुआ NEET-UG पेपर लीक शायद इस मामले में आखिरी झटका साबित हुआ।

Related Articles

Back to top button