Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
राष्ट्रीय

नहीं चला चक्रवात का कहर, भारत आते ही हुआ ‘सितरंग’ कमजोर

नई दिल्ली। चक्रवात ‘सितरंग’ पश्चिम बंगाल तट को पार करते हुए बरिसाल के निकट अब बांग्लादेश तट से टकराया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। आईएमडी ने कहा कि दक्षिणी पश्चिम बंगाल के जिलों में मौसम में पूर्वाह्न से सुधार होने की संभावना है। 56 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बंगाल की उत्तरी खाड़ी से बांग्लादेश की ओर बढ़ी इस मौसम प्रणाली के कारण पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर में मध्यम से भारी बारिश स्तर की बारिश हुई और मौसम खराब हुआ, जिसने दीपावली और काली पूजा उल्लास को कम कर दिया।

कोलकाता में क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने कहा कि सितरंग ने सोमवार को रात साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 बजे के बीच बांग्लादेश में बारिसल के पास तिनकोना द्वीप और सैंडविच के बीच 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तट पर टकराया। बांग्लादेशी मीडिया ने बताया कि चक्रवात के कारण वहां दक्षिणपूर्वी हिस्सों में भारी बारिश हुई है।

आईएमडी ने कहा कि मंगलवार शाम तक इसके कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने का अनुमान है। मौसम कार्यालय ने मंगलवार सुबह पश्चिम बंगाल तट के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की चेतावनी दी है, जो 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। हालांकि बाद में धीरे-धीरे घटकर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर आ जाएंगी और फिर ज्यादा से ज्यादा 50 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ सकती हैं।

Related Articles

Back to top button