Breaking
बेंजामिन नेतन्याहू को IRGC की धमकी, कहा- “पीछा तब तक करेंगे जब तक उन्हें खत्म नहीं कर देते।”पांच राज्यों में मतदान 9 अप्रैल से शुरू, बंगाल में 2 चरणों में होगा चुनावएलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्य
Breaking NewsMain slideराज्य

Meghalaya Illegal Mining: NGT के बैन के बावजूद भी खनन क्यों? ब्लास्ट में Assam के 18 मजदूरों की मौत

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

असम। मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि गुरुवार को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के एक गांव में संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में असम के कम से कम 18 मजदूर मारे गए और कई अन्य खदान में फंस गए। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई।

जानकारी के अनुसार से खबर लिखे जाने तक खदान से 18 शव निकाले जा चुके हैं और कई अन्य घायल हो गए हैं जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और आगे के इलाज के लिए शिलांग रेफर किया जाएगा। कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर बचाव अभियान चलाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल से सहायता ली और बचाव कार्य जारी है। माना जा रहा है कि यह विस्फोट अवैध रूप से चल रहे कोयला खनन स्थल पर हुई गतिविधि के दौरान हुआ। जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या खदान अवैध है, तो उन्होंने कहा, “हां, ऐसा प्रतीत होता है।” कुमार ने आगे कहा कि विस्फोट का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है और इसकी जांच की जाएगी।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने 2014 में मेघालय में पर्यावरण को होने वाले नुकसान और गंभीर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन पद्धतियों पर प्रतिबंध लगा दिया था और इस तरह से निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी रोक लगा दी थी। रैट-होल खनन में श्रमिकों के कोयला निकालने के लिए संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जो आमतौर पर लगभग 3 से 4 फीट ऊंची होती हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने बाद में इस प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए केवल वैज्ञानिक और विनियमित प्रक्रियाओं के माध्यम से उचित पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के साथ कोयला खनन की अनुमति दी।

Related Articles

Back to top button