Breaking
ट्रंप के सलाहकार का भारत पर बड़ा आरोप, कहा “भारत जो कर रहा है, उससे अमेरिका में हर कोई नुकसान उठा रहा है।”ट्रम्प के द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हुआ लागूहिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने आज उत्तर प्रदेश विधानसभा का किया भ्रमणअमेरिका की धमकियों के बावजूद रूस से तेल व्यापार जारी रखेगा भारतओवल टेस्ट में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत, सीरीज 2-2 से बराबरट्रंप ने लगाया भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ, कहा टैरिफ अमेरिका को फिर से महान और समृद्ध बना रहाIAS संजय प्रसाद सीएम योगी के क्यों हैं इतने विश्वासपात्र ,जाने कौन सी बड़ी जिम्मेदारी मिली?एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के 4थे टेस्ट में अंशुल कंबोज का डेब्यू, बने भारत के 318वे टेस्ट प्लेयरमानसून सत्र के तीसरे दिन भी जारी रहा हंगामा, लोकसभा में राष्ट्रीय खेल शासन बिल पेशउपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने लिया अचानक इस्तीफा
Breaking NewsMain slideअंतर्राष्ट्रीय

एस जयशंकर की अमेरिका में बड़ी बैठक, चीन को दे दिया सख्त संदेश

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथग्रहण समारोह के बाद भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की अमेरिका में एक के बाद एक बड़ी बैठक शुरू हो गई। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर केवल मेहमान के तौर पर शपथग्रहण समारोह का हिस्सा बनने के लिए नहीं पहुंचे थे बल्कि ट्रंप की नई सरकार और उनकी टीम के साथ एक अहम मीटिंग करने के लिए पहुंचे थे। भारत अमेरिका के संबंधों और इसके अलावा वैश्विक मुद्दों को लेकर अमेरिका की नई सरकार के साथ भारत की चर्चा बहुत खास थी। ये भारत की ताकत को भी दिखाता है। जिस वक्त अमेरिका में दुनियाभर से आए मेहमानों की मौजूदगी है। तब सबसे ज्यादा प्राथमिकता क्वाड के विदेश मंत्रियों और भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर को दी गई। सबसे पहले तो एस जयशंकर की द्विपक्षीय वार्ता ट्रंप के मंत्रियों के साथ हुई। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने अमेरिका के नए विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

आपको बता दें कि  क्वाड की स्थापना 2007 में उन देशों को साथ लाने के लिए की गई थी, जिन्होंने 2004 में हिंद महासागर में आए विनाशकारी भूकंप और सुनामी की प्रतिक्रिया में मिलकर काम किया था। इसके सदस्य इसकी कूटनीतिक प्रकृति और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हैं, जिसमें बुनियादी ढांचा, मानवीय सहायता, आपदा राहत, जलवायु परिवर्तन और समुद्री सुरक्षा शामिल है। भले ही सुरक्षा इसका एक हिस्सा है, लेकिन ‘क्वाड’ क्षेत्र में चीन की बढ़ती मुखरता और विशाल क्षेत्रीय दावों का मुकाबला करने की अमेरिकी रणनीति का एक प्रमुख घटक है, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिण चीन सागर और ताइवान का लोकतांत्रिक स्वशासित द्वीप शामिल है।

 

Related Articles

Back to top button