Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
Breaking Newsउत्तर प्रदेशराज्य

समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन परवान देने की कवायद पूरी |

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के चुनावी रेल पेल में हर तरफ गठजोड़ और पार्टी बंदी अपने चरम पर है यूपी में इस बार समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के एक साथ मिलकर लड़ने की उम्मीदों को परवान देने की कवायद चल रही है। हालांकि दोनों गठबंधन की घोषणा कर चुके हैं लेकिन अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है। इस सिलसिले में रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मंगलवार को लखनऊ में मुलाकात की है और गठबंधन पर मंथन किया है। सपा प्रमुख अखिलेश ने रालोद मुखिया की फोटो को ट्वीट कर लिखा की जयंत चौधरी के साथ बदलाव की ओर। उधर जयंत चौधरी ने भी फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा कि बढ़ते कदम। हालांकि अभी आधिकारिक रूप से दोनों पार्टियों की ओर से कोई सूचना नहीं मिली है। सूत्रों की मानें तो गठबन्धन की बात कुछ आगे बढ़ी है।

दरअसल सपा और रालोद के बीच मथुरा, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर आदि की कई विधानसभा सीटों पर मंथन चल रहा है। दोनों ही दलों के इन सीटों पर अपने-अपने दावे हैं। इन्हीं सब पर बात करने के लिए और गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए जयंत चौधरी लखनऊ पहुंचे हैं।

सूत्रों की मानें तो जयंत और अखिलेश के बीच एक और दौर की बातचीत होगी। इसके बाद दोनों नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि सपा के करीब आधा दर्जन नेता आरएलडी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

रालोद के एक नेता ने बताया कि जयंत चौधरी अपना नफा- नुकसान देख कर ही कोई निर्णय लेंगे। क्योंकि चौधरी अजीत सिंह के निधन के बाद पार्टी की बागडोर उन्ही के कंधों पर है। वह हर कदम बड़ा फूंक-फूंक रख रहे हैं। अभी वर्तमान की राजनीतिक परिस्थितियों को भी भांप रहे हैं, क्योंकि कृषि कानून वापसी के बाद परिस्थितयां बदल रही है। इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। जो निर्णय होगा। बड़ा सधा होगा।

Related Articles

Back to top button