Breaking
Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉकबुकिंग में आ रही है समस्या, कई जगह गैस वेंडर नहीं उठा रहे फ़ोनकई जगह होटल और रेस्ट्रोरेंट एलपीजी गैस की किल्लत से बंदEarly News Hindi Daily E-Paper 11 March 2026पाक एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाला आदर्श कुमार उर्फ ​​लकी पुलिस की गिरफ्त में
राष्ट्रीय

पीएम मोदी हुए G7 समिट में वर्चुअली शामिल, दिया दुनिया को ‘वन अर्थ-वन हेल्थ’ का संदेश

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क 

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के बीच ब्रिटेन में जारी 7 देशों के शिखर सम्मेलन (G7 Summit) को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वर्चुअली संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को ‘वन अर्थ-वन हेल्थ’ का संदेश दिया. जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल (Angela Merkel) ने खासतौर पर पीएम मोदी के इस मंत्र का उल्लेख किया और इसे लेकर भरपूर समर्थन प्रकट किया.

इस बार के जी-7 शिखर सम्मेलन की थीम बिल्ड बैक बेटर (Build Back Better) है. यानी इस शिख सम्मेलन में कोरोना वायरस, फ्री ट्रेड (Free Trade) और पर्यावरण (Environment) पर विस्तार से चर्चा होने जा रही है. ज्यादा फोकस इसी बात पर रहेगा कि कैसे दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्त करना है और फिर एक मजबूत वापसी करनी है. इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार को काफी अहम माना जा रहा है.

2021 के G7 सम्मेलन में भारत के अलावा रिपब्लिक ऑफ कोरिया और दक्षिण अफ्रीका को भी बतौर मेहमान देश के तौर पर आमंत्रित किया गया है. G-7 देशों में अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और इटली शामिल हैं. ये सभी सदस्य देश बारी-बारी से सालाना समिट को होस्ट करते हैं. शिखर सम्मेलन की मेजबानी करते हुए जॉनसन ने कहा था कि यह देखना वाकई बहुत सुखद है कि पिछले साल महामारी के बाद से पहली बार प्रत्यक्ष तौर पर कोई बड़ा आयोजन हो रहा है.

पीएम मोदी से पहले इस सम्मेलन में भारत सरकार के तीन बड़े केंद्रीय मंत्री भी अपने मंत्रालय अनुसार हिस्सा ले चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था.

Related Articles

Back to top button