Breaking
युवाओं के नाम लिखा पत्र लिख धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफाCJP Protest: दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, CRPF की 20 कंपनियां तैनातमानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने की परीक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, राम मंदिर चंदा विवाद और नीट घोटाले पर कार्यस्थगन नोटिससोनम वांगचुक को निजी अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग खारिज, परिवार को 24×7 मुलाकात की इजाजतरोहित शर्मा की 138 रन की धमाकेदार पारी, बने लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय,BRICS का ड्रग्स के खिलाफ ऐलान, अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर लगाएगा पाबंदीराजौरी के जंगलों में आतंकवादियों की घेराबंदी, कुपवाड़ा में Hideout ध्वस्तराम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला? टिन्नू ने हर महीने कमाए लाखों! प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही वीआईपी दर्शन करवाने के खेल में हर महीने लाखों रुपये की वसूलीमंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनो को लेकर भी जांचराम मंदिर चढ़ावा चोरी-डकैती के ऊपर भी कोई शब्द हो वो इस्तेमाल होना चाहिए- अखिलेश
Breaking Newsअर्ली बिज़नेस

धान का नही निकला समाधान, धान खरीद का ढाई करोड़ का भुगतान लंबित।

सुल्तानपुर। प्रशासन की सख्ती के कारण धान खरीद के लिए जिले में नामित एजेंसियों ने खरीदी तो शुरू की परंतु सीएम के 24 घंटे भीतर भुगतान के फरमान का अनुपालन जिले में कही नजर नहीं आ रहा। एक नवंबर से शुरू हुई सरकारी धान की खरीद के तहत हुई 1296 एमटी धान खरीद का बकाया ढाई करोड़ का भुगतान 24 दिन के बाद भी लंबित है।सरकारी रिकॉर्डों में भुगतान की स्थिति अभी तक शून्य दर्शा रही है। जिले में खरीद के लिए नामित एजेंसियों ने 22 नवंबर तक 1296 मीट्रिक टन धान किसानों से खरीदा है। विपणन विभाग के अनुसार निर्धारित खरीद मूल्य के हिसाब से इसका भुगतान करीब ढाई करोड़ रुपये होता है। विभिन्न क्रय केंद्रों के जरिए तुरंत भुगतान के चक्कर में 333 किसानों ने अपना धान क्रय केंद्रों पर बेचा है।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि करीब 2.51 करोड़ रुपये की धान खरीद के बाद भी क्रय एजेंसियों ने इसके एवज में एक भी रुपये का भुगतान किसानों को अभी तक नहीं किया है। इसके चलते शुरुआत में ही धान की बिक्री कर चुके किसान भी अभी भुगतान के इंतजार में खरीद केंद्र की दौड़ लगा रहे हैं। रोज तैयार हो रहे विभाग के आंकड़ों पर भुगतान को लेकर खुद विभागीय अधिकारी भी सवाल उठा रहे हैं। किसानों को धान खरीद का भुगतान न होने की पुष्टि भदैंया के सहायक विपणन निरीक्षक व बल्दीराय क्षेत्र के विपणन निरीक्षक जगदीश प्रसाद ने करते हुए इसका कारण वेबसाइट में बदलाव को बताया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन व मुख्य खरीद अधिकारी बी प्रसाद ने अभी तक किसी भी किसान का भुगतान नहीं होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई। कहा कि नोडल अधिकारी से बात करके भुगतान नहीं होने का कारण पता लगा कर तत्काल किसानों को भुगतान करवाया जाएगा।
खरीदे गए धान व भुगतान का ब्यौरा
जिले में किसानों के धान की खरीद चार एजेंसियां कर रही हैं। इन चारों क्रय एजेंसियों ने 55 क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इसमें विपणन विभाग ने अभी तक 169 किसानों से 126 लाख 28 हजार रुपये का 650 .92 मीट्रिक टन, पीसीएफ ने 131 किसानों से 107 लाख 56 हजार कीमत का 554.41 मीट्रिक टन, मंडी समिति ने 10 किसानों से 6 लाख 71 हजार का 34.60 मीट्रिक टन धान खरीदा है। इसी तरह एफसीआई ने छह किसानों से 11 लाख एक हजार रुपये का 56.76 मीट्रिक टन धान किसानों से खरीदा है। आंकड़े बता रहे हैं कि अभी तक कुल 251 लाख 56 हजार का धान किसानों से खरीदा गया। इसमें सभी का भुगतान अवशेष है।
किसानों ने बताया नहीं मिला भुगतान
मोतिगरपुर क्षेत्र के बागसराय निवासी राम सूरत दूबे ने बताया कि उन्होंने बढ़ौनाडीह में स्थित क्रय केंद्र पर कई दिन पहले करीब 70 क्विंटल धान बेचा है। अभी तक उन्हें भुगतान नहीं मिल सका है। दोस्तपुर क्षेत्र के अलहदादपुर निवासी ज्ञान सिंह ने बताया कि उन्होंने खालिसपुर डींगुर के क्रय केंद्र पर 80 क्विंटल 66 किलो धान बेचा है। अभी तक भुगतान नहीं मिल सका है। गांव के सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनका 36 क्विंटल धान बेचा गया है, लेकिन भुगतान उन्हें भी नहीं मिला है। कुड़वार के सड़ांव गांव निवासी हरिनारायण सिंह ने बताया कि उन्होंने क्रय केंद्र पर धान बेचा है। अभी तक भुगतान नहीं हो सका है।

Related Articles

Back to top button