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स्वाभिमान का सौदा न करते हुए शिवपाल ने भतीजे के सामने रखी ये शर्त |

लखनऊ : पिछले कुछ समय से शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के रिश्तों में थोड़ी नरमी आई है। शिवपाल यादव भी सपा के साथ गठबंधन करने को इच्छुक हैं। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि हमारी प्राथमिकता है कि हम सपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनाएं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया है कि स्वाभिमान से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। शिवपाल यादव ने अपने भतीजे अखिलेश यादव के सामने 100 सीटों की शर्त भी रख दी है।
सपा के साथ होने वाले गठबंधन को लेकर शिवपाल यादव से जब पूछा गया कि क्या आप कुछ बड़ा करने वाले हैं तो उन्होंने कहा कि एक हफ्ते का इंतजार करें।

बातचीत करने के दौरान जब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव से सवाल पूछा गया कि जिस गठबंधन की बात चल रही है क्या उससे अलग दूसरे गठबंधन पर भी विचार किया जा रहा है। तो उन्होंने कहा कि एक हफ्ते इंतजार और कर लो। इसके बाद उनसे जब यह पूछा गया कि इसका मतलब कि एक हफ्ते के बाद कुछ धमाका होगा। इसपर शिवपाल यादव ने कहा कि जो भी होना है, एक हफ्ते में हो जाएगा। अब समय नहीं बचा है।
इस दौरान शिवपाल यादव से यह पूछे जाने पर कि यूपी में ओवैसी के आने से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को कितना फर्क पड़ेगा। तो उन्होंने कहा कि हम ये नहीं बता सकते हैं। हम ज्योतिषी नहीं हैं। ज्योतिषी होते तो हम जरुर बता देते।
शिवपाल यादव ने कहा कि पूरा राज्य दोनों पार्टियों को साथ मिलकर चुनाव लड़ते हुए देखना चाहता है। हम चाहते हैं कि जो भी फैसला हो वो जल्दी किया जाए। हम चाहते हैं कि अखिलेश यादव कैसे भी मुख्यमंत्री बन जाएं। हमने तो उनसे सिर्फ 100 सीटें देने को कहा है। हम मिलकर चुनाव लड़ लेंगे। हालांकि अखिलेश यादव ने अभी तक इसको लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन उन्होंने कई बार मंच से कहा है कि चाचा का पूरा सम्मान होगा।

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