Breaking
रजनीकांत-कमल हासन को लॉन्च करने वाले पद्मश्री विजेता डायरेक्टर भरतहिराजा का निधनजम्मू-कश्मीर: उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से सेना के दो जवान शहीदअब दुश्मनो की खैर नहीं, भारत ने तैनात किए 12 परमाणु बमफिलीपीन्स में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप, तटीय इलाकों में उठीं सुनामीINDIA Bloc मीटिंग में खरगे का मोदी सरकार पर हमला, विदेश नीति से लेकर SIR तक उठाए आरोपRealme P4R आगमन, 8000mAh बैटरी से मचाएगा तहलका, जानें फीचर्सटॉम क्रूज के को-स्टार जेम्स हैंडी की हत्या, गर्लफ्रेंड का बेटा कातिलरूस ने भारत को दिया 5वीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का ऑफरकॉकरोच जनता पार्टी की पहली रैली में भारी भीड़, राजनेताओं की उड़ी नींदकुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन अटैक, एक भारतीय की मौत
Breaking Newsराष्ट्रीय

तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक ने बीएसएफ जवानों के किरदार पर उठा दिये सवाल।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक ने विवादित बयान दिया है. उनका कहना है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान की नियत साफ नही हैं देश की सीमा के भीतर बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाये जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया गया.देश की सीमा के भीतर बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाये जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया गया.

विधानसभा के अध्यक्ष विमान बनर्जी ने इस पर बहस के लिए डेढ़ घंटे का समय दिया था. बहस के दौरान तृणमूल विधायक उदयन गुहा ने बीएसएफ पर गंभीर आरोप लगाये. टीएमसी विधायक ने सदन में कहा कि जब महिलाएं सीमा पार करके इधर आ जाती हैं, तो बीएसएफ के जवान तलाशी लेने के बहाने उन्हें गलत तरीके से छूते हैं.

उदयन गुहा यहीं नहीं रुके. उन्होंने बीएसएफ के जवानों की देशभक्ति पर भी सवाल खड़े कर दिये. श्री गुहा ने कहा कि वे चाहे जितनी बार भारत माता की जय के नारे लगा लें, वे देशभक्त नहीं हो सकते. उदयन गुहा के इस बयान पर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस पर सदन में हंगामा कर दिया.

केंद्र के इस फैसले से बंगाल की CM ममता बनर्जी नाराज, TMC सुप्रीमो ने PM Modi को लिखी चिट्ठी

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने सीमा के भीतर बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र बढ़ा दिये थे. इसके बाद बीएसएफ को देश की सीमा में 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर तक के दायरे में कार्रवाई का अधिकार मिल गया था. पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने केंद्र के इस फैसलेका विरोध किया.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे मुखर रूप से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के इस फैसले का विरोध किया. उन्होंने इसे राज्य के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण बताया. तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इसे केंद्र का एकतरफा और मनमाना फैसला कहा था. ममता बनर्जी ने यह भी कहा था कि अगर केंद्र ने इस फैसले को वापस नहीं लिया, तो उनकी सरकार विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास करेगी.

ममता बनर्जी की सरकार ने विधानसभा में इस प्रस्ताव को मंगलवार को हंगामे के बीच पास कर दिया. तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद में भी उठाने का निर्णय लिया है. संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू हो रहा है. टीएमसी सांसद सौगत राय ने पिछले दिनों कहा था कि उनकी पार्टी संसद में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि का विरोध करेगी.
सत्ताधारी दल के विधायक के इस बयान को बीएसएफ ने गलत बताया है. सीमा सुरक्षा बल क ओर से कहा गया है कि बीएसएफ एक प्रोफेशनल फोर्स है. नियमों के दायरे में रहकर वह अपनी ड्यूटी करती है. महिलाओं की जांच के लिए बीएसएफ महिला प्रहरी को तैनात किया जाता है. वही महिलाओं की तलाशी लेती हैं. बीएसएफ के जवानों द्वारा महिलाओं को गलत तरीके से छूने के जो आरोप लगाये गये हैं, वह पूरी तरह से गलत हैं.

Related Articles

Back to top button