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दारुल इस्लाम पर विश्वास करने वालों को पहले जहन्नुम जाना होगा-योगी

योगी की गर्जना से दिल्ली वाले विरोधियों के साथ उपद्रवी भी डरे

मनोज श्रीवास्तव

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

लखनऊ। पिछले कई महीनों से उत्तर प्रदेश भाजपा नये अध्यक्ष की प्रतीक्षा में है। बहुत बड़ा वर्ग केंद्रीय नेतृत्व (टीम गुजरात) द्वारा लगातार यूपी के अध्यक्ष की घोषणा रोका जाना एक बड़ी राजनैतिक साजिश मानता है। टीम गुजरात के सेनापति से खुद को जोड़ कर प्रचारित करने वाले यूपी से जुड़े एक पूर्व वोहदेदार के गणों द्वारा दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हल्ला किया जा रहा था कि यूपी में बड़ा ऑपरेशन किया जाने वाला है। जिसके लिये कई लोगों का बलिदान लिया जायेगा। समय की प्रतीक्षा में बैठे योगी आदित्यनाथ ने मौका मिलते ही एक वार में सबको चित कर दिया। यूं तो उत्तर प्रदेश में सिर तन से जुदा और आई लव मुहम्मद की आड़ में पिछले कई हप्तों से माहौल में जहर घोला जा रहा था। उधर दिल्ली भी अपने शकुनियों को छोड़ कर यूपी भाजपा की स्थिरीकरण करने के बाद जहर फैला रहा था। नये अध्यक्ष के साथ संगठन और सरकार में बड़े ऑपरेशन का मैसेज पास करवा रहा था। उससे भी बड़ी बात यह कि किसे प्रदेश की कमान देनी है उसका नाम भी दबे पांव प्रचारित होने लगा था। सूत्रों की माने तो हाल ही में एक कार्यक्रम में नोयडा आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सरकार और संगठन के कई लोग मिले। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को लेकर अब विलंब करना श्रेयस्कर नहीं है। वहीं यूपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भी आवश्यक परामर्श किया। फिर क्या, शनिवार को योगी ज्वलंत हिंदुत्व का कार्ड खेल गये। आई लव मुहम्मद को लेकर बवाल तो गुजरात के गांधीनगर में भी हुआ, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्यवाही करते हुये जिस तरह से उसे भुनाया हस्तिनापुर (दिल्ली) में बैठे लोग दहल गये। बरेली में मौलाना तौकीर रजा खां और उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई करने के बाद जब योगी गरजे तो देश भर में उनका बमबम हो गया। उन्होंने कहा कि दारुल इस्लाम का सपना देखने वालों को पहले जहन्नुम जाना होगा। उनका यह डायलॉग उसी तरह हिट हो गया जैसे विधानसभा में सपा नेता अखिलेश यादव के उकसाने का बाद उन्होंने कहा था कि “इस माफिया को मैं मिट्टी में मिला दूंगा”।

शनिवार को योगी आदित्यनाथ जब श्रावस्ती पहुंचे तो जोश से लबरेज थे।मंच से उन्होंने कहा कि” हमने हर समुदाय, हर जाति के कल्याण के लिए काम किया। अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति सभी को सम्मान दिया। सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है। इसके बाद भी कुछ लोगों को विकास अच्छा नहीं लगता। वे तालिबानी व्यवस्था और दारुल इस्लाम में विश्वास करते हैं। मैं उन्हें कहता हूं, ऐसी व्यवस्था जन्नत में भी पूरी नहीं होगी, इसके लिए पहले जहन्नुम जाना पड़ेगा। आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और निर्दोष लोगों पर हमले करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो उनकी कई पीढ़ियों के लिए नजीर बन जाएगा। नवरात्र के समय बरेली में बवाल और कई जिलों में आई लव मोहम्मद को लेकर निकाले जा रहे जुलूस को लेकर मुख्यमंत्री बेहद खफा नजर आए।मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। यह सबका साथ और विकास जानता है, लेकिन उपद्रवियों और माफियाओं से सख्ती से निपटना भी जानता है। कुछ लोगों को शांति और कल्याण अच्छा नहीं लगता। हिंदू त्योहारों पर उन्हें गर्मी चढ़ती है, लेकिन हम डेंटिंग-पेंटिंग से उनकी गर्मी शांत करना जानते हैं”। जैसे-जैसे यह संदेश फैला सोशल मीडिया पर योगी वायरल होने लगे।

योगी ने कहा कि अगर किसी ने सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, निर्दोष नागरिकों पर हमला किया, बेटियों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाया या व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में आगजनी की कोशिश की तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि उनकी कई पीढ़ियां याद रखेंगी। त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहार उत्साह और एकता का समय है। हिंदू परिवार अपनी पूंजी लगाकर समाज के साथ खुशी मनाता है। कोई भेदभाव नहीं करता। सभी को साथ लेकर चलता है। ऐसे मौकों पर सड़क पर प्रदर्शन और उपद्रव बर्दाश्त नहीं होगा। जो कायरों और बुझदिलों की तरह बच्चों और महिलाओं को आगे करके उपद्रव करते हैं, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।आस्था अंतःकरण का विषय है, प्रदर्शन का नहीं। आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी या पुलिस पर हमला करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
जो लोग आस्था के नाम पर हिंसा और अराजकता फैलाते हैं, उन्हें कठोर दंड भुगतना होगा।”

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