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असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और PDY, विधानसभा चुनावों में क्या है कांग्रेस की स्तिथि? जाने

हालिया भारतीय राजनीति में 2014-2024 का कालखंड कांग्रेस के लिए सबसे खराब रहा. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 99 पर पहुंची तो BJP अपने दम पर बहुमत से चूक गई. 2025 भी कांग्रेस के लिए एक निराशाजनक साल रहा. 2025 में दिल्ली, बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा. दिल्ली में 0 और बिहार में छह सीटें मिलीं.  दिल्ली में बीजेपी ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की. 70 सीट वाली दिल्ली विधानसभा में बीजेपी ने 48 सीटें जीतक स्पष्ट बहुमत हासिल किया.

2026 में चार राज्यों (असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु) और एक यूटी (पुदुचेरी) में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावी रणभेरी बजने से पहले यानी इन राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा चुनावी तारीखों की घोषणा के पहले देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस का हाल एकदम बेहाल सा दिख रहा है. तमिलनाडु, असम, केरल और बंगाल में कांग्रेस अंदरूनी फूट और गठबंधन के तनाव का सामना कर रही है. इन छोटे-मोटे सियासी दुखड़ों में पावर-शेयरिंग विवाद, लीडरशिप में अंदरूनी खटपट/खींचतान और इस्तीफे के साथ अलग-अलग बयानबाजी और फॉर्मल गठबंधन की कमी जैसी चीजें हैं, जो कांग्रेस (INC) की चुनावी स्ट्रैटेजी पर असर डालते दिख रहे हैं.

कांग्रेस के लिए पूरी जिंदगी लगा देने वाले वेटरन हों या सियासी करियर दांव पर लगाने वाले युवा नेता सब केंद्रीय नेतृत्व में खासकर राहुल गांधी के खिलाफ खुलकर बयानबाजी करते दिख रहे हैं. पूर्व कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर को ही ले लीजिए वो केरल की लेफ्ट सरकार की सराहना करके विवादों में आए ही थे कि तमिलनाडु के सीएम एमके स्‍टालिन की तारीफ कर बैठे. इसके बाद हालात ऐसे बनें कि कांग्रेस प्रवक्ताओं को मजबूरी में ये प्रतिक्रिया देते हुए कहना पड़ा कि वो हमारे नेता नहीं है, न उनसे कांग्रेस का कोई लेना-देना है.

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