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योगी सरकार कार्यकाल का अंतिम बजट पेश, 9 लाख करोड़ का बजट, रोजगार पर फोकस

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क। 

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज अपने इस कार्यकाल का अंतिम बजट पेश कर दिया है. इस बार के बजट का आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का है. पिछले बजट की तुलना में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यूपी में अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है.

उन्होंने आगे बताया कि अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है. देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है. आगे वित्त मंत्री ने बताया कि भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं. प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यूपी के वित्त मंत्री ने बताया कि उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल हुई है.

वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना ने कहा कि हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो। सदन में वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना ने बताया कि वर्ष 2024-2025 में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित हुई है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये है, जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये के दो गुने से अधिक है. वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है. प्रदेश में हम लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुये हैं.

उन्होंने आगे बताया कि बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है. राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया. एसडीजी इंडिया इंडेक्‍स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गई है.

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