Breaking
सभी दल सदन को सुचारु संचालन हेतु सहयोग करें-सतीश महानाजापान के संसदीय पीएम टाकायची की होगी प्रचंड जीत? विपक्ष बिखरा हुआबांग्लादेशी हिन्दुओं को मोहन भगवत ने दी सलाह, कहा- भागे नहीं, संघर्ष करेंEarly News Hindi Daily E-Paper 8 February 2026इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, मृतकों और घायलों के प्रति जताई संवेदना29 साल पुरानी फाइल खुलते ही देर रात अरेस्ट हुए MP पप्पू यादव, अस्पताल में भर्तीWPL 2026: RCB दूसरी बार बनी चैंपियन, कप्तान स्मृति मंधाना के तूफान ने दिल्ली को हराया‘बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा पर हमला’, धमकी भरे कॉल्स के बाद घर में घुसे हमलावर, मैनेजर ने किया खुलासाUS की इमीग्रेशन पालिसी में बड़ बदलाव, H-2B वीजा का बढ़ा कोटा, इंडियन वर्कर्स पर क्या होगा असर, जानेचेन्नई में H5N1 वायरस से सैकड़ों कौवों की मौत, खतरनाक वायरस की पुष्टि के चलते एडवाइजरी जारी
अंतर्राष्ट्रीय

पिछले महीने ही जताई गई अफ़गान पर होगा तालिबान का कब्जा: अमेरिका

International: अमेरिका के दूतावासों का कहना है पिछले महीने आशंका जताई जा रही थी कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो सकता है और यह बात हुई सच.इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी दूतावास के करीब एक दर्जन अधिकारियों (US diplomats) ने जुलाई में ही काबुल पर तालिबान के कब्जे को लेकर चेतावनी जारी की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों को काबुल में तालिबान के आने की भनक तभी लग गई थी जब अमेरिका ने 31 अगस्त तक अपनी सेना की वापसी का ऐलान किया था. बता दें कि तालिबान के लड़ाके 15 अगस्त को काबुल में घुसे थे. इसके बाद तालिबान की तरफ से पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान किया गया था.

काबुल में अमेरिकी दूतावास के हवाले से दावा किया है कि जुलाई के मध्य में इसको लेकर चेतावनी दी गई थी. अधिकारियों ने कहा था कि तालिबान का काबुल में आना तय है और अफगानिस्तान की सेना उन्हें नहीं रोक पाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 जुलाई को तालिबान के अत्याचरों का जिक्र करते हुए सख्त भाषा में विदेश विभाग को चेताया गया था.

क्या अमेरिका ने चेतावनी को नजअंदाज किया?

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया है कि चेतावनी के साथ-साथ अमेरिकी अधिकारियों को बताया गया था कि कैसे इस संकट की चुनौती का सामना किया जाए. साथ ही बताया था कि कैसे अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों और राजनयिकों को बाहर निकाला जाए. बता दें कि जिस तरीके से अमेरिका ने अपने लोगों को काबुल से बाहर निकाला है, इसकी आलोचना भी कई लोग कह रहे हैं. आरोप लग रहे हैं कि अमेरिका ने निकासी में देरी की. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस खबर का खंडन किया है.

Related Articles

Back to top button