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इंडियन नेवी ने जहाज से निकाल लाई जिंदा मिसाइल, हादसे को टाला

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। समुद्री इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने एक ऐसे ऑपरेशन को अंजाम दिया है जिसने एक बड़े समुद्री हादसे को टाल दिया। ओमान के तट के पास संदिग्ध हमले का शिकार हुए एक विशाल क्रूड ऑयल टैंकर के भीतर फंसे जिंदा मिसाइल वॉरहेड को भारतीय नौसेना ने सुरक्षित तरीके से निकाल लिया है। अगर यह वॉरहेड फट जाता तो ना सिर्फ जहाज तबाह होता बल्कि सैकड़ों करोड़ रुपए का नुकसान और बड़े पैमाने पर संकट भी पैदा हो सकता था। दरअसल मामला मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाली क्रूड ऑयल टैंकर एम्प्टी ओलंपिक लाइफ का है। यह जहाज यूएई के पुजेरा से कोची की ओर जा रहा था। 26 मई को ओमान के तट के पास जहाज के ढांचे में धमाका हुआ। शुरुआती जांच में पता चला कि कोई प्रोजेक्टाइल या मिसाइल जहाज से टकराई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि मिसाइल का एक हिस्सा जहाज के अंदर घुसने के बाद फटा ही नहीं था और वह फ्यूल टैंक के भीतर फंस गया था।

जैसे ही इसकी जानकारी मिली भारतीय नौसेना हरकत में आ गई। इंडियन ओशियन रीजन के इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर के जरिए सूचना मिलने के बाद कोची स्थित सदर्न नेवल कमांड ने अपनी विशेष टीम को ऑपरेशन पर लगाया और जांच में सामने आया कि मिसाइल का हिस्सा जहाज की बाहरी दीवार को चीरते हुए कई कंपार्टमेंट पार कर सीधे ईंधन भंडारण टैंक तक पहुंच गया। यानी जहाज के सबसे संवेदनशील हिस्से में एक जिंदा वॉरहेड मौजूद था और किसी भी छोटी गलती से भीषण विस्फोट हो सकता था। इसके बाद नौसेना के बम निरोधक टीम ने बेहद सावधानी के साथ चरणबद्ध ऑपरेशन शुरू किया। आधुनिक तकनीकों की मदद से पहले वॉरहेड के डिटोनेशन सिस्टम की पहचान की गई। फिर उसे निष्क्रिय किया गया।

आखिरकार पूरे वॉरहेड को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया। वहीं इस ऑपरेशन के दौरान जहाज, चालक दल और बंदरगाह से जुड़े सभी ढांचों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसके बाद भारतीय नौसेना ने बरामद बोरहेड को अब एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। जहां उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक हाल के सालों में यह सबसे जटिल और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण समुद्री बम निरोधक अभियानों में से एक। यह ऑपरेशन ऐसे वक्त में हुआ जब हुरमुस और ओमान की खाड़ी के आसपास समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई। यह इलाका दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल है और हाल के महीनों में यहां कई जहाज संदिग्ध हमलों, ड्रोन गतिविधियों और सुरक्षा खतरों का सामना कर चुके हैं।

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