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झारखंड का 1 गांव रेलवे कर्मियों के नाम , 150 से ज्यादा लोग रेलवे में कार्यरत, जानिए वजह

BOKARO: एक बहुत ही दिलचस्प बात झारखंड के एक गांव की जो अपने आप में अनोखा हैं, इसे लोगों की अथक मेहनत और लगन ने अनोखा बना दिया वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान बात दरअसल है कि झारखंड का 1 गांव बोकारो जिसे रेल कर्मचारियों के गांव के नाम से भी जाना जाता है इस गांव की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा रेल विभाग में कार्यरत है
झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत चंदनकियारी का कुरमी बहुल माचाटांड़ करीब 1200 की आबादी वाला गांव है, इसे रेलकर्मियों के गांव के रूप में जाना जाता है. इसकी वजह है कि अब तक गांव के करीब 150 लोग रेलवे की नौकरी ले चुके हैं. अगर इसके सीमावर्ती गांव अलुवारा को जोड़ लिया जाये, तो रेलकर्मियों की संख्या 200 से भी अधिक होगी.

कभी दोनों गांव एक ही पंचायत में थे. लेकिन, वर्तमान में नयावन पंचायत में माचाटांड़ और बाटबिनोर पंचायत में अलुवारा गांव आता है. माचाटांड़ के कई परिवारों में 6 सदस्य रेलवे में रहे हैं. इनमें रतनलाल व इनके तीन अन्य भाई शोभाराम महतो, जोधाराम महतो और श्रीपति महतो एवं श्रीपति महतो के दो पुत्र सुभाष महतो और कन्हाई महतो शामिल हैं. खेदुराम महतो के घर में 5 सदस्य रेलवे में बहाल हो चुके हैं. इनमें खेदुराम के दो पुत्र मागाराम महतो व जगाराम महतो, मागाराम महतो के दो पुत्र शत्रुघ्न व भरत महतो तथा जागाराम का भतीजा वीरेंद्र किशोर शामिल है. खेलाराम महतो के घर में भी 5 सदस्य रेलवे में बहाल हो चुके हैं. इसी तरह रघु महतो के घर में रघु और उसके दो पुत्र, सुचांद महतो और उसके दो पुत्र समेत अन्य लोग रेलवे में बहाल हो चुके हैं. इसी तरह दोनों गांव के सैकड़ों लोग रेलवे में बहाल हुए हैं.

इतनी बड़ी संख्या में गांव के लोगों के रेलवे में बहाल होने के पीछे भी कुछ वजह रही है. ग्रामीण बताते हैं कि महुदा रेलवे स्टेशन गांव के बहुत सामने है. महुदा स्टेशन के निर्माण में इस गांव के काफी संख्या में लोग कार्यरत थे. बाद में जब रेलवे में बहाली होने लगी, तो उसमें अनुभव के आधार पर गांव के लोगों को उसमें प्राथमिकता मिली. उसके बाद अन्य बहालियों में भी गांव के अनेक लोगों ने अपनी योग्यता के दम पर नौकरी ली.

माचाटांड़ और अलुवारा के लोगों ने रेलवे में जिन पदों पर नौकरी हासिल की है उसमें क्लर्क, PWI, गेटमेन, केबिनमैन, लोको पायलट, गैंगमेन, की-मैन, मैट आदि शामिल हैं. गांव के करीब 30 लोग अन्य पदों पर भी सेवारत हैं. महावीर महतो और ओमप्रकाश महतो डॉक्टर हैं. संदीप महतो IB में कार्यरत हैं. रामनाथ महतो कर्नल व अभिषेक महतो पुलिस इंस्पेक्टर हैं. इसके अलावा टाटा स्टील, BCCL, HSCL, आर्मी, टीचर, वकील, एयरफोर्स आदि पदों पर अनेक लोग सेवारत हैं.

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