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एसआरएमयू में एल एंड टी एजूटेक के सहयोग से अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का हुआ शुभारम्भ

ईवी तकनीक में उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण से छात्रों को मिलेगा भविष्य के रोजगार का नया मार्ग

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

लखनऊ। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) ने भविष्य की तकनीकों में गुणवत्तापूर्ण एवं उद्योगोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सोमवार को एलएंडटी एजूटेक के सहयोग से इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया। यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी के डिजाइन, विकास, संचालन, डायग्नोस्टिक्स तथा ट्रबलशूटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय कुमार तिवारी, एल एंड टी के सेगमेंट हेड पी. के. प्रधान, कुलपति सलाहकार प्रो. (डॉ.) नीरजा जिंदल, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) हेमेन्द्र शर्मा, फैकल्टी ऑफ मैकेनिकल इंजियरिंग के डीन प्रो. (डॉ.) राजेश पोरवाल, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. (डॉ.) अपूर्व आनंद तथा एल एंड टी के ब्रांच हेड पाराग जैन समेत विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल ने कहा कि आज का समय कौशल आधारित शिक्षा का है। भारत तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हरित प्रौद्योगिकी की ओर अग्रसर है। ऐसे में उद्योग के सहयोग से स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विद्यार्थियों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग के लिए पूर्णतः तैयार करेगा। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जो उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए। इसी क्रम में विश्वविद्यालय की प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि एसआरएमयू हमेशा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा में नवाचार को प्राथमिकता देता रहा है। एल एंड टी एजूटेक के साथ यह सहयोग विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ कार्य करने का अवसर देगा तथा उनके रोजगार एवं उद्यमिता के नए द्वार खोलेगा। हमारा प्रयास है कि छात्र केवल डिग्री प्राप्त न करें, बल्कि उद्योग के लिए कुशल और सक्षम पेशेवर बनकर निकलें।

अपना विचार साझा करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय कुमार तिवारी ने कहा कि यह सेंटर विद्यार्थियों के लिए एक्सपीरिएंशियल लर्निंग का उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा, जहां वे सिद्धांत के साथ-साथ वास्तविक औद्योगिक तकनीकों पर कार्य करने का अवसर प्राप्त करेंगे। फैकल्टी ऑफ मैकेनिकल इंजियरिंग के डीन प्रो. (डॉ.) राजेश पोरवाल तथा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. (डॉ.) अपूर्व आनंद ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय की उद्योग-समन्वित, नवाचार आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी। इस मौके पर एल एंड टी एजूटेक के सेगमेंट हेड पी. के. प्रधान ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी ही भविष्य के कुशल इंजीनियर तैयार कर सकती है। यह सेंटर छात्रों को नवीनतम ईवी तकनीकों पर प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करेगा। एल एंड टी एजूटेक के ब्रांच हेड पाराग जैन ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग लगातार बढ़ रही है। यह सेंटर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर उनके करियर को नई दिशा देगा। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में छात्र इलेक्ट्रिक वाहनों के बैटरी बिल्डिंग प्रोसेस, ईवी मोटर कंट्रोल सिस्टम, एम्बेडेड सिस्टम आधारित डैशबोर्ड डिजाइन तथा संपूर्ण ईवी पावरट्रेन सिस्टम की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। यह सुविधा उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक की गहन समझ प्रदान करेगी और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।

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