एकेटीयू के 24वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों के गले में सजा पदक

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।
लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह
मंगलवार को आयोजित किया गया। समारोह में मेधावियों पर स्वर्ण, रजत और कान्स्य पदकों ने शोभा बढ़ाई। मेहनत का फल मिलने पर आत्मविश्वास के भरे छात्रों के चेहरे की चमक स्वर्ण आभा जैसी थी। इस मौके पर सबसे पहले विश्वविद्यालय में चांसलर मेडल सर्वोच्च स्थान पाने वाली अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद के बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की छात्रा अंशिका राणा को दिया गया। जबकि कमल रानी वरूण स्मृति स्वर्ण पदक केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम की छात्रा इशिका को मिला। दीक्षांत समारोह में कुल 83 छात्रों को 84 पदक दिये दिय गये। जिसमें 35 स्वर्ण पदक तो 23 रजत और 24 कान्स्य पदक हैं। इस बार वहीं, समारोह में 62537 छात्रों को डिग्री एवं 53 छात्रों को पीएचडी की डिग्री अवार्ड हुई। कुल पदक पाने वालों में 52 छात्राएं तो 31 छात्र शामिल हैं। वहीं रोगन कला के कलाकार कंसारा आशीष शांतिलाल को डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की गयी। इसके अलावा सभी डिग्रियां ब्लॉकचेन तकनीकी के माध्यम से डिजिलॉकर पर माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने ऑनलाइन माध्यम से अपलोड किया। इसके पहले कार्यक्रम की शुरूआत शैक्षिक शोभायात्रा से हुई।
प्रदेश में उद्यमिता और नवाचार की संस्कृति विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दीक्षांत समारोह के दौरान इस बार भी पांच श्रेणियों में स्टूडेंट स्टार्टअप अवार्ड दिया गया। जिसमें वोमेन लेड स्टार्टअप अवार्ड मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के बीटेक छात्र इर्तिका रेहमान के स्टार्टअप वेक्सर इमर्सिव प्रा0 लि0, दूसरा बेस्ट डीप टेक स्टूडेंट स्टार्टअप अवार्ड अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद के बीटेक छात्र अवि मित्तल के स्टार्टअप वोरटेक्स ऑटोनॉमस सिस्टम प्रा0 लि0, तीसरा बेस्ट टेक इनोवेशन स्टार्टअप अवार्ड इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र सोनू भगत के स्टार्टअप डर्माशुद्धि एलएलपी, चौथा एग्रीकल्चर एंड एग्रीटेक स्टूडेंट स्टार्टअप अवार्ड बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर के बीटेक छात्र आदर्श सिंह के स्टार्टअप एग्रोलेन्स प्रा0 लि0, पांचवां सस्टेनेबल एंड ग्रीन एनजी स्टार्टअप अवार्ड राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा के छात्र अमन कुमार के स्टार्टअप नेक्सोनिक्स रिफ्लेक्सा प्रा0 लि0 को दिया गया।

इसके अलावा कुलाधिपति द्वारा विश्वविद्यालय के शिक्षकों की लिखी पुस्तकों का विमोचन गया। जिसमें योगासन सहित अन्य पुस्तकें थीं।
समारोह में कुलाधिपति राज्यपाल, विश्वविद्यालय के गोद लिये गये छह गांवों के विद्यालयों में आयोजित हुए चित्रकला, कहानी कथन एवं भाषण प्रतियागिता के विजेता बच्चों को सम्मानित भी किया।
इस दौरान दस बच्चों द्वारा पर्यावरण, जल बचाव पर आधारित गीत गायन अभिनय भी किया।
इसी क्रम में बाल गृह बालिका, सिंधीखेड़ा के 15 बच्चों का समूह पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को सांकेतिक रूप से किट का वितरण माननीय राज्यपाल ने किया। साथ ही कुलाधिपति ने बाल गृह बालिका, सिंधीखेड़ा में आरओ प्लांट, चार एसी यूनिट एवं विश्वविद्यालय के गोद लिये दो गांवों में स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन किया।
दीक्षांत समारोह के बाद विश्वविद्यालय परिसर में मां बेटी सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। जिसमें माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। इसके पहले बच्चियों में एचपीवी टीकाकरण भी किया गया।
राज्यपाल सहकुलाधिपति का उद्बोधन
इस दौरान बोलते हुए राज्यपाल सहकुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यह दीक्षांत किसी भी छात्र-छात्रा के जीवन में विशिष्ट अवसर है, और अपनी उपलब्धियों को मूल्यांकित करने का दिन भी होता है। यह सिर्फ डिग्री नहीं जिम्मेदारी भी है। कहा कि भारत की इस विकास यात्रा में योगदान प्रदान कर विश्वगुरू बनाने के संकल्प में साझीदार बनना होगा। अपनी काबिलियत पर भरोसा रखकर राष्ट्रहित में कार्य करने की जरूरत है। परिस्थितियां किसी को भी आगे बढ़ने से कभी नहीं रोक सकती। हमें हर परिस्थिति में बेहतर से बेहतर कार्य करते हुए खुद को निखारना होगा। कहा कि शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती संख्या एक सकारात्मक बदलाव है। यह बदलते भारत की नई तस्वीर है। महिला सशक्तिकरण अब हर क्षेत्र में दिख रहा है। तकनीकी शिक्षा में भी बेटियां आगे हैं। यह सफलता लाखों बेटियों को प्रेरित करेगी। उनके सपनों को सच करने में मदद मिलेगी। कहा कि प्रतिस्पर्धा का अर्थ किसी से आगे निकलना नहीं है। बल्कि खुद को बेहतर करने का जरिया है। इसलिए कठिन परिश्रम कर खुद को परफेक्ट बनाइये। कहा कि तकनीकी को विरासत से जोड़ना होगा। इस कार्य में माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन कर विरासत को भविष्य से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। भारत की वैज्ञानिक प्रतिबद्धता देश को आत्मनिर्भर बना रही है। आज का भारत आयातक नहीं निर्यातक है। हम रक्षा क्षेत्र में आधुनिक और आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह सब कुछ संभव हुआ है दृढ़ इच्छा शक्ति से। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष माननीय प्रधानमंत्री जी ने विशाखापट्टनम से एआई हब की शुरूआत की। यह शुरूआत नहीं देश को आगे बढ़ाने की नींव पड़ी है। हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा।
मुख्य अतिथि का उद्बोधन
दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए इंडियन ऑयल कॉर्पेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह साहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का तकनीकी शिक्षा का इको सिस्टम काफी सुदृढ़ और बेहतर है। यहां के छात्रों ने देश ही नहीं दुनिया में खुद को साबित किया है। इस मौके पर उन्होंने छात्रों से कहा कि अब जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ है। आगे चुनौतियों के साथ अवसर भी खूब आयेंगे। इसलिए खुद को मजबूत रखने की आवश्यकता है। देश को आपकी जरूरत है। विकास की यात्रा में आपने जो सीखा है उसका योगदान दीजिए। कहा कि आज का दौर डिग्री होल्डर का नहीं बल्कि प्रॉब्लम सॉल्वर का है। दुनिया को अब जॉब सीकर नहीं जॉब क्रियेटर की जरूरत है। ऐसा लीडर होना चाहिए जो तकनीकी का प्रयोग कर आम जन की समस्याओं को दूर कर सके। कहा कि यह डिग्री नहीं मिली है बल्कि उड़ने के लिए पंख मिले हैं। इसलिए खुले आसमान में जहां तक हो सके उड़ो। उन्होंने थिंक, अप्लाई एंड सॉल्व का मंत्र दिया। कहा कि स्वतंत्र रूप से सोचने की जरूरत है। क्षमता, चऱि़त्र और विश्वास का होना व्यक्तित्व में जरूरी है। कहा कि इंडियन ऑयल देश की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपना काम पूरी क्षमता से जारी रखता है। बताया कि कोरोना काल में हर दिन तीस लाख घरों में एलपीजी सिलेंडर पहुंचाया गया। साथ ही सिंदूर अभियान में सेना संग समन्वय स्थापित कर जरूरतों को पूरा किया। वर्तमान में खाड़ी युद्ध के दौरान भी कहीं कोई कमी नहीं आने दी गयी।
विशिष्ट अतिथि का उद्बोधन
विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए माननीय प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने दीक्षांत समारोह में पदक पाने वाले छात्रों को बधाई दी। कहा कि इस सफलता के जरिये देश के विकास में योगदान देना लक्ष्य होना चाहिए। आप ही देश की तकदीर हैं। देश की तरक्की का जिम्मा युवाओं पर ही है। ऐसे में हमेशा खुद को तैयार रखिये। कहा कि नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में युवाओं को आगे आना चाहिए।
इस दौरान माननीय कुलपति प्रो0 जेपी पांडेय ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। धन्यवाद प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा डॉ0 एमकेएस सुंदरम ने दिया। इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो0 राजीव कुमार, कुलसचिव रीना सिंह, वित्त अधिकारी केशव सिंह परीक्षा नियंत्रक प्रो0 दीपक नगरिया सहित अधिष्ठता, निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र मौजूद रहे।







