Breaking
LPG टैंकर जग वसंत पहुंचा गुजरात, भारत को मिली बड़ी राहतIran Israel US War Day 25 Updates: ट्रंप के ‘शांति वार्ता’ के दावे को ईरान ने किया धुंआ-धुंआ, बहरीन और कुवैतदिल्ली सरकार का बजट सीएम रेखा गुप्ता ने किया पेशIran के हमले से दहला Israel, भाषण के बीच President Herzog को बंकर में लेना पड़ा सहाराईरान युद्ध पर ट्रम्प का ऐलान,अगले 5 दिनों तक बिजली संयंत्रों पर हमलों को टालने का लिया फ़ैसलाRahul Gandhi का बड़ा अटैक: Trump के Control में हैं PM मोदी,संसद में बहस नहीं कर सकतेहम ईरान को उसकी जगह दिखा देंगे- इजराइली पीएम नेतन्याहूहोर्मुज पर हमारा फैसला न बदला है न बदलेगा- ईरानकल रात ईरान से बात हुई थी- ट्रम्पईरान ने ट्रम्प के दावे को किया ख़ारिज
Breaking Newsराष्ट्रीय

साधू संतों ने मंदिरों पर पूर्ण अधिकार की मांग करते हुए आंदोलन की दी चेतावनी |

नई दिल्ली : कृषि कानूनों की वापसी से जहा एक ओर इसको केवल चुनावी प्रोपेगेंडा मान रहे है वही अब ट्रेड यूनियनों से लेकर साधु-संतों तक को अपनी मांगें मनवाने का मौका मिल गया है। कृषि कानूनों की वापसी के फैसले से प्रेरित होकर अब साधु-संतों ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। दरअसल, देश के अलग-अलग हिस्सों से आए साधु-संतों ने दिल्ली के कालकाजी मंदिर में मठ-मंदिर मुक्ति आंदोलन की शुरुआत की। साधु-संतों का यह आंदोलन मंदिरों और मठों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाने के लिए कानून की मांग को लेकर है। साधुओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर किसान सरकार को झुका सकते हैं तो हम क्यों नहीं। जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली में डेरा डालेंगे।
अखिल भारतीय संत समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मंच से साधु-संतों ने कहा कि जब किसान दिल्ली के रास्ते को रोककर बैठ सकते हैं और सरकार से अपनी मांगें मनवा सकते हैं तो हम साधु-संत ऐसा क्यों नहीं कर सकते। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर साधु-संतों ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती हैं तो हम भी दिल्ली में डेरा डालेंगे। वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र कर मठ-मंदिरों पर अवैध रूप से कब्जे को लेकर अपनी नाराजगी जताई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि जनवरी 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में नटराज मंदिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने वाले आदेश में कहा था कि मंदिरों का संचालन और व्यवस्था भक्तों का काम है। सुप्रीम कोर्ट मंदिर के पुजारियों और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की अपील पर यह फैसला सुनाया था। जगन्नाथ मंदिर के अधिकार वाले केस में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मंदिरों पर भक्तों द्वारा चढ़ाए गए धन को सरकारें मनमाने तरीके से खर्च करती हैं। जबकि एक भी चर्च या मस्जिद पर राज्य का नियंत्रण नहीं है।
कालिका जी मंदिर के महन्त सुरेंद्र नाथ अवधूत महाराज ने सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकार को मंदिरों का प्रबंधन तुरंत साधु-संतों के हाथ में सौंप देनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं होता है तो पूरे देश के साधु-संत आंदोलन करेंगे। इधर, अधिवक्ता और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने अपने ट्विटर हैंडल से इस आंदोलन के शुरू होने की सूचना दी और कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। बता दें कि कृषि कानूनों की वापसी के बाद ट्रेड यूनियनों ने भी लेबल लॉ के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।

Related Articles

Back to top button