Breaking
राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफ़ा2027 और 2029 की तैयारी में UP BJP, नीरज सिंह और पूजा पाल बने प्रदेश उपाध्यक्ष, हटे कई पुराने नामAyodhya Ram Mandir चढ़ावा कांड में एक्शन, SIT रिपोर्ट के आधार पर 8 आरोपी गिरफ्तारलखनऊ अग्निकांड में SIT को 7 दिन में CM योगी को देनी है रिपोर्टलखनऊ में जो हुआ वो सामान्य घटना नहीं- अखिलेशRam Mandir Donation Scam: SIT रिपोर्ट आई, कब होगी कार्रवाई? चढ़ावा चोरी पर UP सरकार के सामने क्या खुलासा हुआलखनऊ अग्निकांड में 15 छात्रों की गई जान जबकि 9 घायलभारत में दुनिया से एक दिन पहले रिलीज़ होगी टॉम हॉलैंड की ‘Spider-Man: Brand New Day’अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौता तय, यूरोप में होंगे हस्ताक्षरइंडियन नेवी ने जहाज से निकाल लाई जिंदा मिसाइल, हादसे को टाला
Breaking NewsMain slideअंतर्राष्ट्रीय

ट्रंप के पास टैरिफ लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं: अमेरिकी अदालत

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास लगभग सभी देशों पर भारी-भरकम शुल्क लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। अदालत ने हालांकि “अमेरिकी अर्थव्यवस्था के चारों ओर एक संरक्षणवादी दीवार बनाने” के उनके प्रयास को फिलहाल बरकरार रखा।

अमेरिकी फेडरल सर्किट अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने और लगभग सभी देशों पर आयात कर लगाने की कानूनी अनुमति नहीं है। संघीय अदालत ने न्यूयॉर्क की एक विशेष संघीय व्यापार अदालत के फैसले को मोटे तौर पर बरकरार रखा।

न्यायाधीशों ने फैसले में लिखा, “ऐसा प्रतीत नहीं होता कि राष्ट्रपति को शुल्क लगाने का असीमित अधिकार देने का संसद का कोई इरादा है।” हालांकि न्यायाधीशों ने विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्क तत्काल रद्द नहीं किए और ट्रंप प्रशासन को उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति दी।

राष्ट्रपति ने ठीक यही करने का संकल्प जताया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, “अगर इसे ऐसे ही रहने दिया गया, तो यह फैसला सचमुच अमेरिका को बर्बाद कर देगा।” व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि ट्रंप ने कानूनी तरीके से काम किया है और “हम इस मामले में अंतिम जीत की उम्मीद करते हैं।

Related Articles

Back to top button