Breaking
CM गुप्ता का ऐलान, बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्टाचारी चलेगा बुलडोजरमस्जिद के मलबे के नीचे 15 फीट गहरा कुआं, कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंपसत्य निकेतन हादसे में हुई 7 मौतों में से 5 छात्र जबकि एक 75 वर्षीय मजदूरदिल्ली सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत,5 घायलों का इलाज जारीदिल्ली सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग हादसे में अभी तक 5 लोगों का रेस्क्यू किया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला गिरी इमारत हादसे में घायल 4 की हालत गंभीरदिल्ली 3 लोगों को ट्रामा सेण्टर पहुँचाया गयासत्य निकेतन में 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका, NDRF की टीम राहत बचाव में जुटीNashik में सड़कों पर क्यों उतरे आदिवासी छात्र? Rahul Gandhi के समर्थन मेंसत्य निकेतन के पास अचानक 4 मंजिला इमारत गिरी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
एजुकेशन

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में बतौर कुलपति प्रो पीके मिश्रा ने पदभार ग्रहण किया

लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में बतौर कुलपति प्रो पीके मिश्रा ने पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में प्रो मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रथम और द्वितीय वर्ष की आगामी परीक्षाओं के ऑनलाइन संचालन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य विवि की प्राथमिकता है।

दिनांक 17 जनवरी को आयोजित होने वाली परीक्षाओं के सम्बन्ध में जो छात्र परीक्षा नहीं देना चाहते उनकी परीक्षाएं बाद में कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि एकेटीयू में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर है। साथ ही पर्याप्त मानवसंसाधन भी हैं।

प्रो मिश्रा ने कहा कि लखनऊ से परिचित हैं। साथ ही लखनऊ की इंडस्ट्री के साथ काम भी किया है।

उन्होंने कहा अभी एकेटीयू के विषय में समझूंगा और फिर विवि की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करूँगा तथा जो कमियां रह गयी है उन्हें दूर करूँगा।

प्रो मिश्रा ने कहा कि गुणवत्ता के साथ संख्यात्मक वृद्धि भी जरूरी है। क्योंकि निजी संस्थानों में प्रवेश की संख्या पूर्ण होने से ही उनकी वित्तीय स्थितियों में सुधार हो सकता है।

प्रो मिश्रा ने कहा 1905 तक भारत की साक्षरता दर बहुत अधिक थी। सामाजिक उत्थान एवं पुनर्वास के लिए शिक्षा का व्यापक उपयोग किया जाता था। उन्हीं उद्देश्यों का समावेश करते हुए नई शिक्षा नीति लायी गयी है।

प्रो मिश्रा ने कहा कि इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एवं स्टार्टअप के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन्क्यूबेशन के लिए वर्ष 2006 से निरन्तर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्क्यूबेशन के अग्रिम चरण के रूप में रूरल इंटरप्रन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जाएगा।

प्रो मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के प्रभाव के कम होने पर रूरल इंटरप्रन्योरशिप पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें इस क्षेत्र में सफल कार्य कर रहे पेशेवरों के साथ अपने छात्रों का संवाद भी स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोर ब्रांचों को भी पुनः लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।

स्टूडेंट सेंट्रिक योजनाओं को विकसित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

Related Articles

Back to top button