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महिलाओं ने केला की खेती के साथ गन्ना पौध तैयार करके बढ़ाई अतिरिक्त आमदनी।

शाहजहांपुर। निगोही मिल क्षेत्र के शहबाजनगर गन्ना ग्राम में गठित नारी एकता महिला स्वयं सहायता समूह ने बड चिप विधि से करीब 4.50 लाख गन्ना पौध तैयार की है। खास यह है कि पौध को विकसित करने में गन्ना की कई नई प्रजातियों का इस्तेमाल किया गया है।

रविवार को जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने क्षेत्र के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सर्वेश कुमार के साथ महिला समूह द्वारा तैयार पौध का निरीक्षण किया। साथ ही केले के खेत में तैयार की गई पौध की बिक्री के टिप्स भी दिए।
इस मौके पर सहयोगी महिलाओं के साथ मौजूद समूह की सचिव हरप्रीत कौर ने अधिकारियों को बताया कि उनका समूह अभी तक 4.50 लाख पौधे तैयार कर चुका है। पौध तैयार करने में नवीन विकसित गन्ना किस्मों जैसे को. लख. 14201, को.शा. 13235 और को. 15023 का प्रयोग किया गया है, इससे कि इन पौधों की रोपाई करके किसान गन्ना की बेहतर उपज प्राप्त कर सकें। समूह की अध्यक्ष बलजिंदर कौर ने बताया कि उनके समूह से 10 महिलाएं जुड़ी हैं और विभाग से मिल रहे तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन के सहारे पौध तैयार करने में हाथ बटा रही हैं।
अधिकारियों ने महिला समूह की इस बात के लिए सराहना की कि केले के खेत में दो लाइनों के बीच में खाली पड़ी जमीन का उपयोग पौध तैयार करने में किया जा रहा है। समूह की अध्यक्ष ने कहा कि एक ही खेत में केला की खेती के साथ गन्ना पौध तैयार करने से अतिरिक्त आमदनी हो रही है। अधिकारियों ने पौध बिक्री के लिए समूह की महिलाओं को सुझाव दिया कि वह किसानों से सीधे अथवा चीनी मिल के माध्यम से संपर्क कर उन्नत प्रजातियों की विशेषताएं बताएं, ताकि उन्हें पौध बिक्री से बेहतर आय हो सके।
डीसीओ डॉ. भार्गव ने बताया कि गन्ना पौध तैयार होने में 20 से 25 दिन लगते हैं और इस कार्य में विभाग के 100 महिला समूहों से लगभग 1250 महिलाएं जुड़ी हैं।

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