Breaking
एलपीजी की किल्लत ख़तम, रसोई गैस लेकर आ रहे हैं दो जहाजों को ईरान के अधिकार क्षेत्र से गुजरने की मिली अनुमतिFBI की हैरान करने वाली रिपोर्ट, क्या अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान?HPCL के प्लांट में डबल मर्डर, पुलिस ने आरोपी के दोनों टांगों में मारा गोलीEarly News Hindi Daily E-Paper 13 March 2026Opposition के ‘Mic Off’ के आरोप पर स्पीकर ओम बिरला का पलटवार, कहा- मेरे पास कोई बटन नहीं हैदेश के कई शहरों में होटल रेस्ट्रोरेंट और ढाबे बंददेश भर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर की किल्लत, जबकि कमर्शियल सिलेंडर मिलना बंदCM धामी- अग्निवीर को 10% रिजर्वेशन देकर सुरक्षित करेंगे भविष्यईरान के मिसाइल हमले हुए कम, क्या है तेहरान की नई रणनीति?नहीं बढ़ेगा LPG गैस का दाम? सरकारी सूत्रों ने कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक
अंतर्राष्ट्रीय

इजरायली रक्षा मंत्री- दक्षिण की ओर भाग रहे आतंकवादी, 16 वर्षों के बाद हमास का गाजा पर कब्जा खत्म

नई दिल्ली। गाजा में इजरायली हमलों से 11,240 लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें 4630 बच्चे शामिल हैं. गाजा पर हमले के कई दिनों के बाद इजरायली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने दावा किया है कि हमास ने गाजा से अपना नियंत्रण खो दिया है.

एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “जिस गाजा पर हमास ने 16 साल तक कब्जा कर रखा था, अब उस पट्टी पर नियंत्रण खो दिया है. हमास के आतंकवादी दक्षिण की ओर भाग रहे हैं. हमास के ठिकानों को नागरिक लूट रहे हैं.” बगैर किसी सबूत के गैलेंट ने कहा, गाजा के नागरिकों में सरकार (हमास की सरकार) को लेकर कोई आस्था नहीं रह गई है. 

गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा कुछ दिनों से जंग का केंद्र बनी हुई है. इजरायल पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वो इस अस्पताल पर हमले कर रहा है. हालांकि इजरायली सेना ने दावा किया है कि वह अस्पताल के आस-पास हमास के लड़ाकों को निशाना बना रही है. सेना ने दावा किया है कि अस्पताल के नीचे हमास अपना कमांड सेंटर चला रहा है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन की जानकारी के मुताबिक इजरायली हमले की वजह से अस्पताल की तीन नर्सों की मौत हो गई है. हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक, अल शिफा अस्पताल पर हमले की वजह से समय से पहले जन्मे 6 बच्चों की मौत हो गई. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि बच्चों की मौत के पीछे की वजह ईंधन और बिजली की कमी थी. ये कमी इजरायली हमलों के कारण हुई है. 

हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अस्पताल के भीतर कम से कम 2300 लोग हैं. इनमें 650 मरीज हैं. 200 से 500 के बीच अस्पताल के कर्मचारी हैं, जबकि 1500 लोग विस्थापित लोगों ने अस्पताल में ही शरण ले रखी है.

अस्पताल में करीब 30 नवजात बच्चे भी हैं. नवजात बच्चों ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है. अल शिफा अस्पताल के डॉक्टरों ने नवजात बच्चों को मिस्र ले जाने की अपील की है, जिससे उनका इलाज हो सके.

Related Articles

Back to top button