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उत्तर प्रदेश

कानपुर को योगी सरकार की सौगात, बनेगा पहला जीका डेडिकेटेड हॉस्पिटल ।

कानपुर : उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर इन दिनों खतरनाक बैक्टीरिया जीका वायरस की चपेट में हैं, पहला जीका केस का केंद्र रहा कानपुर . मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बढ़ते जीका वायरस के मामलों को लेकर समीक्षा अधिकारियों संग केडीए सभागार में बैठक की थी और उसके बाद प्रभावित क्षेत्र श्याम नगर का दौरा भी किया था. समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य महकमे द्वारा किए जा रहे सर्वे और सर्विलांस के काम पर संतोष जरूर जताया. लेकिन अधिकारियों को कई निर्देश भी दिए हैं. उन्होंने कहा है कि अलग जीका डेडिकेटेड हॉस्पिटल बनाया जाए, जिसमें रोगियों का बहुत ध्यान से उपचार किया जाए. औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की माने तो डेडीकेटेड जीका वायरस के हॉस्पिटल के लिए निर्माण निगम को पैसा भी दे दिया गया है और इसे जल्द ही बनाया जायेगा. साथ ही शहर के अन्य अस्पतालों को भी सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री जीका वायरस प्रभावित क्षेत्रों के हकीकत जानने के लिए श्याम नगर पहुंचे थे. लेकिन समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस दौरे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. समाजवादी पार्टी के सीसामऊ विधायक इरफान सोलंकी ने कहा है कि मुख्यमंत्री ऐसी जगह गए जहां जीका वायरस के ज्यादा मामले नहीं थे. मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने जहां बताया वहीं गए लेकिन पोखरपुर इलाके में जहां सबसे ज्यादा जीका वायरस संक्रमित हैं वहां मुख्यमंत्री नहीं गए. या फिर ऐसा भी था जहां कि सीएम योगी आदित्यनाथ वहां जाना नहीं चाहते थे.
समीक्षा बैठक में अधिकारियों से जीका वायरस के बढ़ते केस पर अपडेट लेने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गर्भधारण आयु वर्ग की हर शादीशुदा महिला की स्क्रीनिंग कराई जाए. साथ ही गर्भवती महिला का हर महीने अल्ट्रासाउंड किया जाए. समीक्षा बैठक से पहले ही विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से साफ सफाई ना किए जाने और एंटी लारवा स्प्रे के साथ फागिंग ना होने की भी शिकायत की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री ने जीका वायरस की रोकथाम के लिए नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों को जोन में बांटकर फॉगिंग करने और सर्विलांस बढ़ाने के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रभावित क्षेत्र चकेरी, लाल बंगला, लाल कुर्ती, काज़ी खेड़ा, हरजिंदर नगर समेत 12 इलाकों में विस्तृत सैंपल लेने के लिए कहा गया है. सोर्स रिडकन पर भी जोर देने की निर्देश दिए गए हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले 17 जीका वायरस संक्रमितों के नमूने नेगेटिव आने से थोड़ी राहत जरूर मिली. हालांकि अभी भी 91 जीका संक्रमित स्वास्थ्य विभाग की टेंशन बढ़ाए हुए हैं.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की माने तो जीका वायरस की जांच मेडिकल कॉलेज में शुरू हो चुकी है. जो एक बड़ी राहत प्रदान करने वाली खबर है. हालांकि, मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब स्कूलों और कॉलेजों में एनजीओ के सहायता से जीका से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात भी कही है.

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