Breaking
प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार की गेंदबाजी से श्रीलंका के 8 विकेट ढेर, जीत के करीब भारतइंडियन कोस्ट गार्ड ने तट पर डूबे जहाज की खोजी लाइफबोट, 22 नाविकों की तलाश जारीअगले 6 माह में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी- योगीसिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट का आया टीज़रUS ट्रेज़री डिपार्टमेंट ने 4 इंडियन कम्पनीज को किया ब्लैकलिस्टRahul Gandhi के धरने पर Ravi Shankar Prasad ने कहा – यह अराजकता की राजनीति हैक्या इस देश में FIR की मांग करना क्या अनार्की है- कांग्रेसराहुल का ये धरना सस्ती लोकप्रियता के लिए है- नड्डाराहुल गाँधी के धरने को लेकर जेपी नड्डा की प्रेस- बोले ये राहुल की हताशा और हठयोग है, ये धरना छात्रों के लिए नहीं है.Delhi Police संसद मार्ग कार्यालय पर Rahul Gandhi का धरना ,बोले,FIR होगी तभी हटेंगे बीजेपी ने कहा राहुल अराजकता फैला रहे हैं
मनोरंजन

सचिन जोशी को मिली राहत, कोर्ट ने किया बरी, मनी लॉन्ड्रिंग का था केस

मुम्बई। अभिनेता व बिजनसमैन सचिन जोशी (Sachin Joshi) के लिए मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर एक राहत वाली खबर सामने आई है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने सचिन को ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी- Enforcement Directorate) द्वारा दर्ज धन शोधन मामले से बरी कर दिया। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने जोशी को इस मामले से बरी कर दिया।

बता दें कि सचिन जोशी को फरवरी 2021 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सीय आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी। मार्च 2022 में, विशेष अदालत ने जोशी को गुण-दोष के आधार पर जमानत दे दी, यह देखते हुए कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया धनशोधन का कोई मामला नहीं बनता है। जोशी के वकील आबाद पोंडा और परिनम लॉ एसोसिएट्स के वकील सुभाष जाधव ने दलील दी थी कि कथित धनशोधन का कोई साक्ष्य नहीं है जैसा कि ईडी ने दावा किया था।

याद दिला दें कि जनवरी 2020 में ईडी ने करीब 350 करोड़ रुपये से जुड़ा एक मामला सामने लाया था, जिस में सचिन जोशी का भी नाम शामिल था। ईडी ने सिटी चौक पुलिस स्टेशन, औरंगाबाद द्वारा 2020 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। ईडी लोन फ्रॉड केस को जनवरी से ही जांच चल रही थी। इस मामले में ईडी ने मेसर्स ओआरडीपीएल के प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा, मेसर्स ओआरडीपीएल के अध्यक्ष कमल किशोर और सचिन जोशी को गिरफ्तार किया था। ईडी ने पहले 26 मार्च 2021 को मामले में मुंबई में सत्र न्यायालय के समक्ष अभियोजन शिकायत दायर की थी।

Related Articles

Back to top button