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UP: आतंकियों के निशाने पर था राम मंदिर , आतंकियों के पास से ATS को मिले काशी-मथुरा के भी नक्शे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ से पकड़े गए आंतकियों (Terrorists Arrested In Lucknow) से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. यूपी एटीएस ने आतंकियों के पास से कई प्रमुख जगहों के नक्शे बरामद किए हैं. आतंकियों के पास से अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) के आसपास की रेकी के नक्शे मिले हैं. इसके अलावा काशी (Kashi) और मथुरा (Mathura) के भी धार्मिक स्थलों के नक्शे एटीएस को आतंकियों के पास से मिले हैं. नक्शों को अलग-अलग प्वाइंट से चिंहित किया गया है. गोरखपुर के भी एक इलाके की डिटेल आतंकियों के पास से यूपी एटीएस को मिली है.

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों के सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों की डिटेल भी गिरफ्तार दोनों आतंकियों के पास से बरामद की गई है. एटीएस (ATS) के हाथ टेलीग्राम, वीडियो कॉल, व्हाट्सएप कॉल और चैट भी लगी है.

बता दें कि एटीएस ने पिछले 24 घंटों में 1 दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है. उनसे पूछताछ जारी है. कानपुर के कुछ युवा भी गिरोह में शामिल हैं और सक्रिय रूप से आतंकियों के संपर्क में हैं. एटीएस की टीम ने चमनगंज के पेंचबाग और जाजमऊ में छापेमारी कर चार युवाओं को हिरासत में लिया है. उनसे भी पूछताछ चल रही है. एटीएस की 3 टीमें अभी भी कानपुर में हैं. एटीएस कुछ दस्तावेज भी कानपुर से लखनऊ लाई है.

गौरतलब है कि इंडियन मुजाहिदीन, हूजी और इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया के आतंकी भी प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करते थे. 23 नवंबर 2007 को लखनऊ, फैजाबाद और वाराणसी में सिलसिलेवार ब्लास्ट किए गए थे. इन सभी में टिफिन बम का इस्तेमाल हुआ था, जिसे प्रेशर कुकर बम की तर्ज पर ही तैयार किया गया था. इन धमाकों को इंडियन मुजाहिदीन और हूजी के आतंकियों ने मिलकर अंजाम दिया था.

लखनऊ में आतंकियों के पकड़े जाने का बाद वाराणसी में हाई अलर्ट जारी किया गया है. काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की निगरानी बढ़ी है. 15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित वाराणसी दौरा है. पीएम के दौरे को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

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