Breaking
ट्रंप के पास टैरिफ लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं: अमेरिकी अदालतट्रंप के सलाहकार का भारत पर बड़ा आरोप, कहा “भारत जो कर रहा है, उससे अमेरिका में हर कोई नुकसान उठा रहा है।”ट्रम्प के द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हुआ लागूहिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने आज उत्तर प्रदेश विधानसभा का किया भ्रमणअमेरिका की धमकियों के बावजूद रूस से तेल व्यापार जारी रखेगा भारतओवल टेस्ट में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत, सीरीज 2-2 से बराबरट्रंप ने लगाया भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ, कहा टैरिफ अमेरिका को फिर से महान और समृद्ध बना रहाIAS संजय प्रसाद सीएम योगी के क्यों हैं इतने विश्वासपात्र ,जाने कौन सी बड़ी जिम्मेदारी मिली?एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के 4थे टेस्ट में अंशुल कंबोज का डेब्यू, बने भारत के 318वे टेस्ट प्लेयरमानसून सत्र के तीसरे दिन भी जारी रहा हंगामा, लोकसभा में राष्ट्रीय खेल शासन बिल पेश
Breaking Newsराष्ट्रीय

चीन हमारा नंबर एक दुश्मन है, न कि पाकिस्तान, जनरल बिपिन रावत ।

नई दिल्ली। चीन ने अपनी ओछी हरकतों से पाकिस्तान को भी पछाड़ दिया है , इस समय भारत के सामने मुख्य दुश्मन के रूप में चीन सामने आया है, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीनी सेना की साजिशों का भारत बड़ी मजबूती से सामना कर रहा है। इस बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि पाकिस्तान भारत का नंबर वन दुश्मन नहीं बल्कि चीन है।

बता दें कि पिछले कई महीनों से भारत-चीन सीमा पर गतिरोध बना हुआ है। इस स्थिति को लेकर बिपिन रावत ने कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत का प्राथमिक फोकस डी-एस्केलेशन से पहले विघटन है क्योंकि चीन हमारा नंबर एक दुश्मन है, न कि पाकिस्तान। रावत ने कहा कि भारत को आने वाले समय में दो मोर्चों पर दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं अरुणाचल प्रदेश सीमा पर गांव बसाने की खबरों पर उन्होंने कहा कि चीनी सेना ने पुरानी संरचना पर नया ढांचा बनाया है। वो अपनी सीमा क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। आज लोगों को सैटेलाइट एवं गूगल के जरिए तस्वीरें मिल रही हैं। इस तरह की तस्वीरें पहले नहीं मिलती थीं। किसी तस्वीर के सामने आने से कब्जे की बात सामने आ जाती है।

उन्होंने कहा कि चीनी सेना सीमा पर विकास कर रही है तो भारत भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) और उसके आसपास के क्षेत्रों में विकास कर रहा है। हम एलएसी के आस-पास पहले सड़कों का निर्माण नहीं करते थे। लोगों में भय था कि निर्माण करने से चीनी सैनिक आकर इसे तोड़ देंगे लेकिन अब ऐसा नहीं है।

सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन सैनिकों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ। दोनों देशों की कोशिश है कि सैनिकों को इतने करीब आने से रोका जाये। हमारी कोशिश है कि दोनों देश की सेनाएं अप्रैल 2020 के पहले की स्थिति में आ जाएं। उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में कुछ जगहों पर डी-एस्केलेशन की प्रक्रिया धीमी चल रही है। इसमें लगने वाले समय के चलते चीन ने एलएसी के अंदरूनी भागों में स्थायी ढांचे बनाए हैं।

Related Articles

Back to top button