Breaking
गृह मंत्री परमेश्वर का ‘Cockroach Janta Party’ पर एक्शन, बोले- पुलिस का फैसला स्वतंत्रनेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई ‘Dhurandhar: Raw and Undekha’, जाने क्या है खासह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 4 हफ्ते में AHTU बनाने को बोलापुलवामा हमले से जुड़ा आतंकवादी हमज़ा बुरहान पाकिस्तान में ढेर, हमलावरों ने गोलियों से किया छल्लीसीएम रेखा का ऐलान, दिल्ली में पानी-सीवर कनेक्शन सस्ताEarly News Hindi Daily E-Paper 20 May 2026वियतनाम के साथ रक्षा मंत्री की इमरजेंसी मीटिंगPM मोदी की नॉर्वे यात्रा, संबंधों में जोड़ा नया अध्यायकेरलम में कांग्रेस की सरकार,वी डी सतीसंन ने 20 मंत्रियों संघ ली सीएम पद की शपथपीएम पर भड़के राहुल गाँधी, नीट पेपर लीक पर एजुकेशन मिनिस्टर को बर्खास्त करने की करी मांग
उत्तर प्रदेश

नही रहे देवरिया के पूर्व विधायक प्रमोद सिंह ,हार्ट अटैक से निधन |

देवरिया : इस समय एक दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है देवरिया की गौरीबाजार सीट से पूर्व विधायक प्रमोद सिंह का बुधवार की रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। अचानक हुए उनके निधन से कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी। वह वर्ष 2007 से 2012 तक विधायक रहे।
मूल रूप से गौरीबाजार ब्लाक के असनहर गांव निवासी प्रमोद सिंह सामान्य परिवार से थे। शिक्षा के बाद वह व्यवसाय के सिलसिले में मुंबई चले गए। अपनी मेहनत से उन्होंने मुंबई में अपना बड़ा व्यवसाय खड़ा कर लिया। व्यवसाय खड़ा करने के बाद वह सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गये। 2005 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव वह गौरीबाजार विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव पर लड़े और पहली बार विधायक चुने गए। बसपा सरकार में उनकी अच्छी पकड़ रही। 2011 में हुए परिसीमन में गौरीबाजार विधानसभा क्षेत्र समाप्त हो गया तथा उसका अधिकांश हिस्सा देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र में आ गया। 2012 का विधानसभा चुनाव वह देवरिया सदर विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।

2012 के चुनाव के बाद वह अपने व्यवसाय में लग गए। इस बीच बसपा से उनकी दूरी बढ़ गयी और बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। 2017 में उन्होंने देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा में टिकट की दावेदारी की, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नही दिया। इसके बाद भी वह भाजपा से जुड़े रहे। पंचायत चुनाव में उन्होंने अपने पुत्र पंकज सिंह को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाने की तैयारी की, लेकिन पार्टी द्वारा प्रत्याशी न बनाने से वह पुत्र को चुनाव नहीं लड़ा सके। 2022 के चुनाव में वह एक बार देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र से तैयारी कर रहे थे। मंगलवार की देर शाम वह अपने पुत्र पंकज सिंह के साथ लखनऊ से चलकर अपने गांव असनहर पहुचे थे। बुधवार को अपने आवास पर दीपावली मिलन का कार्यक्रम रखा था।

देर शाम तक वह कार्यकर्ताओं से मिलते रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच दीपावली की मिठाई वितरित की। रात करीब 7 बजे उन्हें थोड़ी परेशानी महसूस हुई तो घर मे चले गए। कुछ देर बाद उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद घर वाले उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर कुछ ही देर में राजनीतिक गलियारों में फैल गयी। असनहर स्थित उनके आवास पर क्षेत्रीय लोगों व कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुट गयी।

Related Articles

Back to top button