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Strait Of होर्मुज में फिर गहराया संकट! ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य किया बंद, सीज़फ़ायर पर मंडराए संकट के बादल

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।

नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित सीज़फ़ायर की घोषणा के अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि समझौता टूटने की कगार पर पहुँच गया है। लेबनान में इज़रायल के भीषण हमलों के जवाब में ईरान ने सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। इन हमलों में बुधवार को 188 लोगों की मौत हो गई थी।

व्हाइट हाउस ने इस बंदी पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को इसकी जानकारी दे दी गई है। उसने आगे कहा कि ईरान का रुख़ उसके निजी तौर पर कही गई बातों से अलग लग रहा है – होर्मुज़ को तुरंत फिर से खोलना, जो ट्रम्प द्वारा रखे गए सीज़फ़ायर की एक मुख्य शर्त थी।

एक प्रेस ब्रीफ़िंग में, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ों पर टोल लगाने के ईरान के फ़ैसले को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता जहाज़ों का स्वतंत्र और बिना किसी रोक-टोक के गुज़रना है, और राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान द्वारा इस तरह का शुल्क वसूलने पर सहमति नहीं दी है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे यहाँ पोडियम पर आने से पहले ही राष्ट्रपति को इन रिपोर्टों की जानकारी दे दी गई थी। यह रुख़ पूरी तरह से अस्वीकार्य है। एक बार फिर, यह एक ऐसा मामला है जहाँ वे सार्वजनिक रूप से कुछ और कह रहे हैं, जबकि निजी तौर पर कुछ और।”

होर्मुज़ बंद, जहाज़ों को वापस लौटाया गया

समुद्री ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि कई जहाज़ इस संकरे जलमार्ग के पास अपना रास्ता बदलकर वापस लौट रहे थे। इससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता साफ़ ज़ाहिर होती है। इन जहाज़ों में तेल टैंकर ‘AUROURA’ भी शामिल था। ईरान के ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इस टैंकर ने मुसंदम तट के पास अचानक ‘U-टर्न’ लिया और फ़ारसी खाड़ी की ओर वापस लौट गया। चैनल ने बताया कि यह जलडमरूमध्य अब बंद है। ‘Kpler’ की रिपोर्ट के अनुसार, सीज़फ़ायर की घोषणा के बाद बुधवार को केवल 7 जहाज़ ही इस जलडमरूमध्य को पार करने में सफल हो पाए।

 

ईरान ने होर्मुज़ क्यों बंद किया?

यह क़दम सीज़फ़ायर की शर्तों को लेकर बढ़ते मतभेदों के बीच उठाया गया है, ख़ास तौर पर लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर इज़रायली हमलों के बाद। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को अकेले इज़रायली हमलों में कम से कम 188 लोग मारे गए और 800 से ज़्यादा घायल हो गए। इस संघर्ष के इतिहास में यह सबसे घातक दिनों में से एक था।

 

ईरान ने संकेत दिया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करना, सीज़फ़ायर लागू होने के बावजूद इस क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाई का सीधा जवाब है। दूसरी ओर, ट्रम्प और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि लेबनान इस सीज़फ़ायर समझौते का हिस्सा नहीं है।ˀˀˀˀˀˀ

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