Breaking
तमिलनाडु: विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय का आज फ्लोर टेस्ट, AIADMK में बड़ी बगावत!PM मोदी के सोना न खरीदने अपील के बाद,केंद्र सरकार ने सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बधाई, होगा महंगाप्रतीक यादव का काफी समय से डिप्रेशन का चल रहा था इलाजप्रतीक यादव मृत अवस्था में सिविल लाये गए थे- CMSप्रतीक की अचानक मौत पर समाजवादी पार्टी ने उच्चस्तरीय जाँच की मांग कीअखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की आकस्मिक मौत,कारण अभी स्पष्ट नहीं, CM योगी ने बेहद हृदयविदारक बतायामाइकल जैक्सन ने तोड़े रिकॉर्ड, कमाए $217 मिलियन, जाने क्यों होइ फिल्म फेमसमेयर थी चीन की जासूस! अमेरिका में मचा बवालNEET Paper Leak: केरल में SFI का CAG ऑफिस में घुसकर छात्रों का जोरदार प्रोटेस्टPM मोदी की 7 बड़ी अपील, पेट्रोल बचाने और वर्क फ्रॉम होम का दिया सन्देश
राष्ट्रीय

अशोक चव्हाण बीजेपी में शामिल, अधूरी रह गई पहली इच्छा

अर्ली न्यूज़ नेटवर्क।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण मंगलवार (13 फरवरी) को नई उम्मीद के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. हालांकि इस दौरान उनकी पहली ही इच्छा अधूरी रह गई. दरअसल, चर्चा है कि अशोक चव्हाण की इच्छा थी कि वह दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता लें और इस दौरान उनके साथ अमित शाह मौजूद रहें, लेकिन पार्टी आलाकमान ने उन्हें मुंबई में बिना अमित शाह की मौजूदगी में ही भाजपा में शामिल कराया.

अशोक चव्हाण को मुंबई स्थित बीजेपी ऑफिस में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और राज्य पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई. इससे पहले अशोक चव्हाण ने सोमवार को अचानक कांग्रेस से इस्तीफा देकर हर किसी को हैरान कर दिया था. उन्होंने विधायकी से भी इस्तीफा दिया था. तभी से अटकलें लगाई जा रही थीं कि वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे. हालांकि उन्होंने इसे लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया था. उन्होंने कहा था कि वह समय आने पर भविष्य की योजनाओं के बारे में बताएंगे.

सूत्रों के अनुसार, अशोक चव्हाण कल आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. भारतीय जनता पार्टी उन्हें महाराष्ट्र से ही राज्यसभा भेजने की तैयारी में है. नॉमिनेशन की तारीख नजदीक आने के कारण ही उन्हें आनन-फानन में बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई है.

वहीं, अशोक चव्हाण ने कांग्रेस छोड़ने के फैसले पर कहा कि, “मेरे लिए कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला लेना आसान नही था. ये एक दिन में लिया गया फ़ैसला नहीं है. ये बात सच है कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है, फिर इस बात को भी कोई नहीं नकार सकता है कि जब तक मैं पार्टी में था तब तक मैंने भी पार्टी के लिए बहुत कुछ किया. मैंने पार्टी के लिए क्या कुछ किया ये कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को अच्छे से पता है.”

Related Articles

Back to top button